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यूनिफार्म घोटाला: कमरे की सील खोलने के लिए नहीं बन पाई कमेटी

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कन्नौज। यूनिफार्म घोटाले की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। चाबी पूर्व तहसीलदार के पास मिली है। अब बीएसए स्तर से एसडीएम और सीओ की कमेटी का गठन होना है। इसी कमेटी के सामने कमरे को खोला जाएगा। इसके बाद विवेचक यूनिफार्म के सैंपल लेंगे। अभी तक कमेटी का गठन नहीं हो पाया है।
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यूनिफार्म के सील कमरे की चाबी पूर्व तहसीलदार अरविंद कुमार के पास मिली है। इनका तबादला गैर जनपद हो चुका है। उन्होंने चाबी एसडीएम कार्यालय में भेज दी है। बीईओ शिव सिंह ने बताया कि एसडीएम से कमेटी के लिए बात की गई थी। एसडीएम ने तहसीलदार को नामित कर दिया है। इसी सप्ताह कमेटी बनाकर कमरे का ताला खोला जाएगा।
यूनिफार्म घोटाले की जांच अरसे से लंबित है। सदर कोतवाली के विवेचक सुरेंद्र सिंह 29 अक्तूबर को बीएसए कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने बीएसए से मिलकर कन्नौज-तिर्वा रोड के गेस्ट हाउस के कमरे में सील यूनिफार्म के सैंपल के लिए चाबी मांगी थी। बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि एसडीएम, सीओ और बीएसए की मौजूदगी में यूनिफार्म को गेस्ट हाउस के कमरे में सील किया गया था। चाबी किसके पास है, इस बाबत वह जानकारी नहीं दे पाई थीं।
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ये है मामला
पूर्व बीएसए केके ओझा ने 23 अक्तूबर 2020 को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक 28 सितंबर को तिर्वा रोड पर शरीफापुर के गेस्ट हाउस कम मैरिज हाल में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यूनिफार्म के 341 बंडल बरामद किए थे। इनमें परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं की यूनिफार्म और कपड़े थे। 19 अन्य बंडलों में रील, बटन और कालर आदि सामग्री थी। बीएसए ने बरामद माल को सील कर दिया था। डीएम राकेश कुमार मिश्र के आदेश पर मामले की जांच सीडीओ आरएन सिंह, एसडीएम सदर गौरव शुक्ल व जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार ने की थी।
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