करीब 154 साल पहले बना उमर्दा नहर का जर्जर पुल मंगलवार को ढह गया। पुल के ढहने से मौरंग लदा ट्रक नहर में जा गिरा। घटना को देख आसपास के लोगों ने उसमें फंसे टक्र चालक व क्लीनर की जान बचाई। सूचना पाकर एसडीएम, इंदरगढ़ थानाध्यक्ष और उमर्दा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुल के दोनों ओर बैरियर लगाकर आवागमन बंद कर दिया गया है। पुल टूट जाने से औरैया कन्नौज मार्ग पर यातायात बाधित हो गया है।
मंगलवार सुबह नौ बजे के करीब मौरंग से लदा एक ट्रक पुल के ऊपर से गुजर रहा था। तभी पुल के पश्चिमी ओर का तीन चौथाई हिस्सा ढह गया। इससे ट्रक नहर में जा गिरा। इस दौरान धमाके की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
ट्रक को गिरा देखकर कुछ युवकों ने उसमें फंसे चालक और क्लीनर को बाहर निकालकर बचाया। इसी दौरान ग्रामीणों ने डीएम, एसडीएम महेश चंद्र शर्मा व इंदरगढ़ थानाध्यक्ष इमरान खान को जानकारी दी। मौके पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जगदीश सिंह व सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक गेंदालाल भी पहुंचे।
उन्होंने बताया कि पुल ध्वस्त होने की सूचना कानपुर व लखनऊ मुख्यालय के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। अधिशासी अभियंता का कहना था कि इस पुल का निर्माण 1860 में कराया गया था। पुल काफी जर्जर हो चुका था। उधर सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक ने बताया कि नहर पुल पर नया पुल बनाने का प्रस्ताव चल रहा है।
यह प्रस्ताव विश्वबैंक के सहयोग से था। अभी कार्ययोजना बनाई जा रही थी, लेकिन इसके पहले ही पुल ध्वस्त हो गया। सिंचाई विभाग बजट स्वीकृत कर उनके विभाग को हस्तांतरित करेगा तो पुल का निर्माण शुरू करा देंगे।
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दीवार बनाकर रोका जाएगा आवागमन
उप जिलाधिकारी महेश चंद्र शर्मा का कहना है कि मामले से डीएम को अवगत करा दिया गया है। छोटे वाहनों को सुखी व गुनाह पुल की ओर मोड़ने के निर्देश पुलिस को दे दिए हैं। साथ ही तिर्वा पुलिस को यह निर्देश दिया है कि भारी वाहन खैरनगर रोड की ओर मोड़े जाएं। इससे भारी वाहन खैरनगर से ठठिया होते हुए आ-जा सकेंगे। ध्वस्त पुल से नागरिकों व वाहनों की सुरक्षा के लिए पुल के दोनों तरफ अस्थाई दीवार बनाने के निर्देश दे दिए हैं।
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सेतु निगम ने नहीं दिया ध्यान
उमर्दा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य सपा नेता अजय वर्मा का कहना है कि पुल पिछले कुछ सालों से काफी जर्जर हो चुका था। इस बारे में उन्होंने व क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों ने डीएम से पुननिर्माण की मांग रखी थी। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। कालपी से 40 टन तक मौरंग लादकर तिर्वा की मंडी में रोजाना 40 से 50 ट्रक आते हैं।
इससे पुल के साथ ही उमर्दा की सड़क भी ध्वस्त हो गई है। उन्होंने डीएम से मांग रखी है कि वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इस ध्वस्त पुल से अलग हटकर अस्थाई पुल बनाकर आम लोगों को निकाला जाए।
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बदला गया था सीएम की फ्लीट का रूट
उमर्दा में जर्जर रोड और नहर के इसी पुल की खस्ताहालत को देखते हुए जिलाधिकारी अनुज झा ने सोमवार को सीएम अखिलेश यादव की फ्लीट का रूट ऐन मौके पर बदलवाया था। ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। मंगलवार को जब ट्रक के गुजरने से पुल टूटा तो हर कोई यही कहता रहा कि अच्छा हुआ कि सीएम इधर से नहीं गुजरे।