वर्ष 2015 में जिले में करीब एक दर्जन नए स्कूल कालेज बनकर तैयार हो जाएंगे। जुलाई से इनमें कक्षाएं भी लगने लगेंगी। गांव के बच्चों को जहां दसवीं से इंटर तक की पढ़ाई-लिखाई की सुविधा गांव के पास ही उपलब्ध होगी।
वहीं रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में भी शुरुआत हो जाएगी। इससे युवाओं को नौकरी मिलने का रास्ता आसान हो जाएगा। लखनऊ, कानपुर, फर्रुखाबाद समेत अन्य शहरों की दौड़ कुछ हद तक कम हो जाएगी।
इन सभी शिक्षण संस्थानों में शासन स्तर पर पत्र भेजकर टीचिंग स्टाफ की तैनाती की कवायद शुरू कराई गई है। तिर्वा में निर्माणाधीन इंजीनियरिंग व पैरामेडिकल कालेज का निर्माण कार्य भी पूरा हो जाएगा, जो रोजगारपरक शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे।
तालग्राम विकास खंड क्षेत्र के गांव बिरौली में 3 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्र्माणाधीन माडल स्कूल अंतिम चरण में है। जून तक भवन निर्माण पूरा करके इसमें नए शैक्षिक सत्र में गरीब तबके के छात्रों को बेहतर पढ़ाई-लिखाई की सुविधा मिलने लगेगी।
जलालाबाद ब्लाक क्षेत्र के गांव फतेहपुर में माडल स्कूल भवन का लोकार्पण हो चुका है। जबकि गंगधरापुर में भी करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणधीन माडल स्कूल की इमारत एक-दो महीने में फाइनल हो जाएगी। ये माडल स्कूल गरीब तबके के छात्रों को कानवेंट स्कूलों की याद दिलाएंगे।
बड़े आलीशान भवनों में बने कक्षों में बैठकर भविष्य बनाने का गरीब बच्चों का सपना सच हो सकेगा। डीआईओएस चंद्रजीत यादव नियमित रूप से स्कूल-कालेज भवनों के निर्माण कार्य की मानीटरिंग कर रहे हैं। डीएम के स्तर से भी टीमें भेजकर जांच के दौरान मिलीं कमियों को दुरुस्त कराया जा रहा है। सचिव पीडब्ल्यूडी डा. हरिओम भी अपने दौरों के दौरान शैक्षिक भवनों के पूर्ण होने पर फोकस कर चुके हैं।
राजकीय हाईस्कूल भवन भोजपुर निगोह, जोगिनीपुर, किशई जगदीशपुर, ड्योढ़ा, फुलवारी का निर्माण भी अंतिम दौर में पहुंच चुका है। पैक्स फेड संस्था यह निर्माण करा रही है। एक स्कूल भवन की लागत 51 लाख 98 हजार रुपये है। ये स्कूल संचालित होने से गांव के बच्चों को हाईस्कूल तक की शिक्षा आसानी से मिल सकेगी।
उन्हें दूरदराज कसबों की दौड़ लगाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तिर्वा में आवासीय भवनों का निर्माण भी इसी साल पूरा हो जाएगा। इसके बाद विभागीय कर्मचारी यहां रहकर कामकाज कर सकेंगे। छिबरामऊ तहसील के गांव तालग्राम देहात और तिर्वा तहसील के गांव जनखत में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) भवन भी मार्च तक कंप्लीट हो जाने हैं।
इसके अब इन भवनों में विभिन्न प्रकार के मैकेनिकल ट्रेड का प्रशिक्षण बेरोजगार विद्यार्थियों को आसानी से मिल सकेगा। सीटें बढ़ जाने के कारण अधिक से अधिक छात्रों को इनमें प्रवेश मिल सकेगा। यहां विभिन्न ट्रेडों में ट्रेनिंग लेकर वह रोजगार पा सकेंगे।
जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयास जारी हैं। निर्माणाधीन स्कूलों में वर्ष 2015-16 से शैक्षिक सत्र शुरु होने पर विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। जब बच्चे शिक्षित होंगे तो उसका लाभ उनके घर, परिवार के साथ ही समाज व देश को भी मिलेगा। जिला प्रशासन कालेज भवनों में पढ़ाई-लिखाई जुलाई से शुरू कराने के लिए कोई भी कसर बकाया नहीं रखेगा।
-अनुज कुमार झा, जिलाधिकारी कन्नौज।