सौरिख थानांतर्गत ग्राम रौसेन में घूरा डालने को लेकर
हुए मामूली विवाद ने तूल पकड़ लिया। मारपीट के दौरान एक पक्ष ने ताबड़तोड़
फायरिंग कर दी, जिससे ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा घायल हो गया।
उसे कानपुर ले जाया गया है। इस मामले में गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ
संगीन धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया है।
गुरुवार सुबह करीब सात
बजे ग्राम रौसेन में ताबड़तोड़ फायरिंग से हड़कंप मच गया। लोग जान बचाकर
भाग खड़े हुए। करीब सात बजे गांव के श्याम सिंह ग्राम समाज की जमीन पर गोबर
डालने गए थे। गांव के ही गोविंद सिंह ने उन्हें गोबर डालने से रोका। इस पर
विवाद शुरू हो गया और मारपीट होने लगी।
किसी तरह श्याम सिंह वहां से भागकर
अपने घर पहुंचे और फिर कुछ देर बाद वह अपने पुत्र अभयराज उर्फ दीपू आदि के
साथ मौके पर आए। इस बीच श्याम सिंह ने सामने खड़े गोविंद (55) पर जानलेवा
हमला बोलते हुए बंदूक से फायरिंग कर दी। गोली लगते ही वह खून से लथपथ जमीन
पर गिर पड़े।
इस बीच उसके पुत्र अभयराज ने तमंचे ने गोविंद के पुत्र सोनू
को भी गोली मार दी। वह भी घायल होकर गिर पड़ा। फायरिंग के बाद हमलावर भाग
निकले। गोली लगने से गोविंद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर घायल
सोनू को मेडिकल कालेज तिर्वा ले जाया गया। वहां से उसे कानपुर रेफर कर दिया
गया।
सूचना मिलते ही सीओ वीपी सिंह सोलंकी, सौरिख एसओ रजनेश चौहान मौके पर
पहुंचे। इसके बाद उन्होंने एसओ विशुनगढ़ और इंदरगढ़ को भी पुलिस के साथ
बुला लिया। पुलिस ने गोविंद के शव को कब्जे में लेकर सौरिख ले आए, पर
परिजनों के आग्रह पर शव उन्हें सौंप दिया गया।
दोपहर बाद मामले की रिपोर्ट
दर्ज होने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गोविंद की
पुत्री काजल ने बताया कि सुबह करीब सात बजे परिवार के ही श्याम सिंह गोबर
डालने आए थे। उसके पिता गोविंद सिंह ने उन्हें वहां गोबर डालने से मना
किया। इस पर वह मारपीट पर उतारू हो गए।
बाद में वह अपने पुत्र व अन्य
लोगों के साथ असलाह लेकर आए और उसके पिता और भाई पर गोलियों की बौछार कर
दी, जिससे उसके पिता की मौके पर ही मौत हो गई। बताया कि विवादित ग्राम समाज
की जमीन है। इससे पूर्व भी उक्त लोगों से कई बार विवाद हो चुका है।
गोविंद
के पुत्र ने श्याम सिंह, अभयराज, सन्नू सिंह, लालमन सिंह और रोहित के
खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, ग्राम रौसेन में ग्राम समाज की दो गज
जमीन के लिए ग्रामीण को जान गंवानी पड़ गई, जबकि उसका पुत्र जिंदगी और मौत
से जूझ रहा है। ग्राम समाज की जमीन पर श्याम सिंह घूरा डालते थे।
यह बात
उनके ही परिवार के गोविंद सिंह को नागवार गुजरती थी। वह वहां गोबर घूरा
डालने से मना करते थे। सिर्फ इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद
चल रहा था।