कन्नौज। सदर कोतवाली क्षेत्र में डेढ़ साल पहले एक किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने के आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है।
दोनों को 15-15 साल कैद की सजा के साथ ही 33-33 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर छह माह कैद अधिक होगी। अदालत से सजा मिलने के बाद दोनों दोषियों को जिला जेल भेज दिया गया।
यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में तीन सितंबर 2022 को हुई थी। विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार दोहरे व शासकीय अधिवक्ता नवीन दुबे मुकदमा ने बताया कि गांव के युवक ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक उसकी 15 वर्षीय भतीजी के माता-पिता का निधन हो चुका है। वही परवरिश करते हैं। वह अचानक लापता हो गई। खोजबीन के बाद भी सुराग नहीं लगा। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने सर्विलांस की मदद से किशोरी को पकड़ा।
किशोरी ने कोर्ट में बताया कि वह गांव की ही एक दुकान पर गई थी। तभी दो लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। दोनों ने जंगल ले जाकर दुष्कर्म किया। विवेचना के दौरान तत्कालीन सरायमीरा चौकी प्रभारी अभिनेश कुमार ने ग्राम उदैतापुर निवासी शरीफ और हरदोई के थाना बिलग्राम के ग्राम जलालपुर निवासी रामसनेही के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी।
इस मामले में पुलिस ने छह गवाह पेश किए । इसी मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद बुधवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अलका यादव ने शरीफ व रामसनेही को दोषी करार दिया। दोनों को अपहरण में पांच-पांच वर्ष की कैद व गलत इरादे से अगवा करने पर सात वर्ष की कैद की सजा के साथ अलावा पॉक्सो एक्ट में 15-15 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेशित किया है कि पीड़िता को क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।