कन्नौज। अनुसूचित जाति की महिला व उसकी 14 वर्षीय पुत्री को घर में घुसकर मारपीट करने व किशोरी से अश्लील हरकतें करते हुए खेत में खींचकर ले जाने के मामले में अदालत ने बुधवार को मुख्य आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। वहीं दो अन्य साथियों को एक साल की सजा व 3500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार अनौगी भेज दिया गया।
कोतवाली गुरसहायगंज के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने पांच अगस्त 2012 को दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि रात आठ बजे 14 वर्षीय पुत्री के साथ खेत गई थीं। लौटने पर घर में घुसते समय गौरी बांगर गांव निवासी रोहित अशोक व अशोक का मामा महेश पीछे से घर में घुस आए। महिला का आरोप था कि रोहित ने पुत्री के साथ अश्लील हरकतें करते हुए उसे खेतों की तरफ खींच कर ले जाने लगा। विरोध करने पर तीनों ने मिलकर लाठी-डंडों से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच की और आरोप पत्र अदालत में पेश किया। अपर सत्र न्यायाधीश ममता सिंह की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में रोहित को बरी कर दिया। अशोक व महेश को एक साल की सजा व 3500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की रकम अदा न करने तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।