जलालाबाद और तालग्राम ब्लाक क्षेत्र में प्रस्तावित
रजबहा (छोटी नहर) बनने से हरित क्रांति आएगी। आधा सैकड़ा से अधिक गांवों के
किसान इससे सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। पहली किश्त में 120 करोड़ रुपये
का बजट मिलने से योजना को साकार करने में बजट संबंधी सबसे बड़ी बाधा दूर हो
गई है।
सीएम द्वारा नहर बनवाने संबंधी घोषणा की खबर सबसे पहले अमर
उजाला ने 15 मार्च 15 को छापी थी। जलालाबाद के जिला पंचायत सदस्य रजनीकांत
यादव ने बताया कि 35 ग्राम सभाओं वाले जलालाबाद और 23 ग्राम सभाओं वाले
तालग्राम ब्लाक बीते कई सालों से डार्क जोन घोषित हो चुके हैं।
यहां खेतों
की बोरिंग पर प्रतिबंध लगा है। ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन भी नहीं
मिलते हैं। पुराने नलकूप भूगर्भ जल स्तर नीचे जाने से पानी देना बंद कर
चुके हैं। इस वजह से सिंचाई की भीषण समस्या से किसान जूझ रहे हैं। बीते
वर्ष पहले उन्होंने लखनऊ जाकर सीएम के सामने यह समस्या रखी थी।
सर्वे के
बाद समस्या का समाधान कराने को सीएम अखिलेश यादव ने नहर बनवाने की घोषणा
की। कहा कि नहर बनने से वाटर रिचार्जिंग होगी। सिंचाई विभाग के एक्सईएन
जगदीश सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर 16 तक नहर बनाकर जलापूर्ति करने का
लक्ष्य है। छिबरामऊ से निकलकर यह तालग्राम होते हुए जलालाबाद तक आएगी।
मुख्य रजबहे की लंबाई 27 किमी होगी। इससे छोटे-छोटी कई माइनरें निकलेंगी,
जिनकी कुल लंबाई लगभग 48 किमी होगी। बताया कि भूमि चिह्नित हो चुकी है।
इसका अधिग्रहण करने के लिए राजस्व विभाग के साथ कवायद चल रही है। बताया कि
मुआवजा देकर बैनामा करने का काम जल्द होगा और किसान भूमि देने के लिए सहर्ष
तैयार हैं।
बताया कि नहर के लिए 150 हेक्टेयर से अधिक जमीन अधिग्रहीत
होगी। करीब 4000 हेक्टेयर (50 हजार बीघा से अधिक) कृषि क्षेत्रफल इससे
सिंचित होगा। इस बाबत एसडीएम सुनील शुक्ला ने बताया कि छिबरामऊ क्षेत्र
में नहर के लिए चिह्नित भूमि अधिग्रहीत करने के लिए कागजी लिखापढ़ी चल रही
है।
सदर तहसील की सीमा का नंबर आते ही युद्धस्तर से जुटकर भूमि की
उपलब्धता सुनिश्चित कराएंगे। कहा कि सीएम की घोषणा को साकार कराने में
राजस्व विभाग सिंचाई विभाग का पूरा सहयोग करेगा। तहसीलदार, नायब तहसीलदार व
लेखपालों को इस बाबत निर्देश दिए गए हैं।