कन्नौज। महाराष्ट्र के बांद्रा से चलने वाली बांद्रा-लखनऊ एक्सप्रेस के कन्नौज स्टेशन पहुंचते ही रविवार दोपहर अफरातफरी मच गई। आरपीएफ व स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद थी कि ट्रेन से 150-200 लोग ही कन्नौज स्टेशन पर उतरेंगे लेकिन ट्रेन रुकने के बाद जैसे ही यात्रियों का रेला उतरना शुरू हुआ तो अफसरों के भी पसीने छूट गए।
करीब ढाई हजार लोगों अकेले कन्नौज स्टेशन पर ही उतरे। जिन्हें लाइन में लगाने से लेकर एक-एक यात्री की स्क्रीनिंग करने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। कई यात्रियों को जैसे ही बता चला कि ट्रेन को कन्नौज में आरपीएफ सुरक्षा घेरे में लेने वाली है वैसे ही करीब 400-500 यात्रियों ने बोगी का वैक्यूम काटकर ट्रेन को गुरसहायगंज स्टेशन से पहले रोक दिया और उतर गए।
शाम को मेडिकल कालेज से एक और टीम को कन्नौज स्टेशन के लिए रवाना करना पड़ा। टीम ने 15 यात्रियों को अधिक तापमान के चलते रोक लिया और फिर कुछ देर बाद सावधानी बरतने की चेतावनी के साथ घर रवाना कर दिया।
देश भर में अलग-अलग ट्रेनों में कोराना वायरस से संक्रमित 12 लोगों के मिलने के बाद महाराष्ट्र और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को स्क्रीनिंग के बाद ही स्टेशन से बाहर भेजने के सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। जनता कर्फ्यू के बीच कन्नौज रेलवे स्टेशन पर 19021 बांद्रा-लखनऊ एक्सप्रेस के 2.50 बजे आने की जानकारी हुई। यात्रियों की जांच कराने के लिए एसीएमओ डा. केके राय, डा. गीतम सिंह, फार्मासिस्ट जितेद्र कुमार, मलेरिया इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार, स्टाफ नर्स प्रीता कुमारी की टीम पहुंची। आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लाकड़ा ने करीब 35 सिपाहियों के साथ सुरक्षा में तैनात हुए।
ट्रेन के गुरसहायगंज स्टेशन पहुंचने से पहले ही यात्रियों ने बोगी का वैक्यूम काट दिया और करीब 500 यात्री कूदकर भाग निकले। कन्नौज रेलवे स्टेशन पर करीब ढाई हजार यात्रियों के उतरने से स्टेशन पर अफरा तफरी मच गई। कुछ यात्रियों ने प्लेटफार्म बदलकर जाने का प्रयास किया लेकिन उन्हें आरपीएफ सिपाहियों ने रोक लिया।
करीब आधे घंटे तक धक्कामुक्की में ही निकल गए। किसी तरह लाइन लगी और फिर स्क्रीनिंग शुरू हुई। लेकिन इंफ्रारेड थर्मामीटर एक ही होने के कारण स्क्रीनिंग की रफ्तार धीमी पड़ गई। पहले एक घंटे में करीब 300 लोगों की ही स्क्रीनिंग हो सकी।
इसके बाद सीएमएस ने मेडिकल कालेज से एक और टीम बुलाने की मांग की। शाम करीब साढ़े चार बजे एक और टीम मेडिकल कालेज से स्टेशन के लिए रवाना की गई। इसके बाद स्क्रीनिंग की रफ्तार में तेजी हुई। इस दौरान करीब 15 यात्रियों का तापमान ज्यादा मिला जिन्हें रोक लिया गया। लेकिन बाद में तापमान सामान्य होने पर उन्हें घर भेजा गया और हिदायत दी गई कि यदि बुखार महसूस हो तो वह तुरंत पास के अस्पताल में जाकर इलाज कराएं।
डा. गीतम सिंह ने बताया कि मशीन से यात्रियों का बुखार जांचा गया। जिसमें 15 का तापमान बढ़ा हुआ मिला। इसमें कन्नौज, हरदोई व एक उन्नाव का युवक शामिल है। युवकों को बताया गया कि उनकी यदि खांसी, जुकाम की दिक्कत बढ़े तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर अपनी जांच करा लें।