पहले चरण में नौ अक्तूबर को दो ब्लाकों के 2,22,196
मतदाता 332 बूथों पर वोट डालेंगे। क्षेत्र पंचायत सदस्य के 146 पद और जिला
पंचायत सदस्य के छह पदों पर मतदान होगा। चार बीडीसी के लिए मतदान नहीं
होगा, क्योंकि वहां एक-एक प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में होने से निर्विरोध
निर्वाचन होगा।
सदर कन्नौज ब्लाक क्षेत्र में 11 न्याय पंचायतें आती
हैं। यहां 96 क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के साथ ही चार जिला पंचायत सदस्य
के वार्डों के लिए नौ अक्तूबर को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान
होगा। यहां मलिकापुर के वार्ड 40, अकबरपुर सरायघाघ के वार्ड 44 और अडंगापुर
पाइंदाबाद के वार्ड 58 पर एक-एक प्रत्याशी के चुनाव मैदान में होने की वजह
से क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का निर्विरोध निर्वाचन तय होने से मतदान नहीं
होगा।
हालांकि, जिला पंचायत सदस्य के वोट पड़ेंगे। सदर ब्लॉक के लिए 100
मतदान केंद्र व 221 मतदान स्थल बने हैं। यहां कुल 1,46,951 मतदाता हैं। इसी
तरह जलालाबाद ब्लाक क्षेत्र में पांच न्याय पंचायतें हैं। 51 क्षेत्र
पंचायत सदस्य पद हैं, पर मतदान 50 वार्डों के लिए ही होगा।
बर्छज्जापुर के
वार्ड 50 से एक प्रत्याशी होने की वजह से निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ
हो चुका है। क्षेत्र में 47 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 111 मतदान स्थल
हैं। यहां कुल मतदाता 75,245 हैं। उधर, पंचायत चुनाव स्वतंत्र व निष्पक्ष
संपन्न कराने को जिला प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा है।
इसके लिए एडीएम ने
सभी आरओ व एआरओ, जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों को चिट्ठी भेजकर सतर्कता बरतने
के आदेश दिए हैं। जिला और क्षेत्र पंचायत के रिटर्निंग आफीसर, सहायक
रिटर्निंग आफीसर, सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों को भेजे पत्र में एडीएम
रमेश चंद्र यादव ने कहा कि संज्ञान में लाया गया कि नामांकन पत्र के साथ
लगे प्रमाण पत्र को असामाजिक तत्वों की ओर से निकलवा कर नामांकन पत्र
खारिज करवा दिए जाते हैं।
पर्चे पर स्याही डालकर या कटिंग करके नामांकन
खारिज कराना, दाखिल की गई वोटर लिस्ट में क्रमांक का फेरबदल करना, मतगणना
के समय बिजली व्यवस्था को बाधित करके मतपत्रों के बंडलों को बदलने के
मामलों से पहले सतर्कता बरती जाए।
किसी प्रत्याशी के पक्ष में गिनती किए
गए मतपत्रों के बंडल में दूसरे प्रत्याशी के मतपत्र रखकर गिनती करवा देना
और मतपत्रों को अवैध करवा देना आदि को लेकर सभी अफसर सावधानी बरतें।
आशंकाओं व शिकायतों को गंभीरता से लेकर पूरी चुनाव की प्रक्रिया
शांतिपूर्वक निपटाएं।
उधर, डीएम अनुज झा ने रोजगार सेवकों के माध्यम से
मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराने को बजट की मांग चुनाव
आयोग से की है। ये रोजगार सेवक बूथों की निगहबानी करेंगे। यदि किसी
उम्मीदवार या उसके समर्थक ने गुंडई, बूथ कैप्चरिंग या अन्य मनमानी की तो
उनकी नापाक हरकतें कैमरे में कैद कर ली जाएंगी।
अति संवेदनशील प्लस व अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की डिजिटल
वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराने को 200 रोजगार सेवक लगाए जाएंगे। रोजगार
सेवकों को दूसरे ब्लाकों में जाकर चुनाव ड्यूटी करनी पड़ेगी। एक रोजगार
सेवक को मतदान केंद्र पर जाने वाले दिन का 150 रुपये व मतदान वाले दिन का
150 रुपये भुगतान बतौर पारिश्रमिक मिलेगा।