कन्नौज। पर्यावरण संरक्षण के लिए हर साल की तरह इस बार भी वृहद पौधरोपण किया गया। अधिकारियों की घोर लापरवाही ने पूरे अभियान को प्रभावित किया है। रोपे गए पौधों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य जियो टैगिंग में विभागों का लचर रवैया सामने आया है।
पौधरोपण का जिम्मा संभालने वाले 22 विभागों में से अधिकांश ने केवल खानापूर्ति की है। शासन की स्पष्ट हिदायत के बावजूद जिले के जिम्मेदार विभाग निष्क्रिय बने हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, ऊर्जा विभाग मात्र 46.80 फीसदी जियो टैगिंग के साथ सबसे निचले पायदान पर है। राजस्व विभाग 48.07 फीसदी और नगर विकास विभाग 48.53 फीसदी के साथ फिसड्डी रहे।
उद्यान विभाग 49.66 फीसदी, उच्च शिक्षा विभाग 64.11 फीसदी और पंचायतीराज विभाग भी 64.11 फीसदी पर रहा। कृषि विभाग 80.12 फीसदी, बेसिक शिक्षा विभाग 80.50 फीसदी और परिवहन विभाग 86 फीसदी टैगिंग कर पाया। ग्राम्य विकास विभाग 87.39 फीसदी, पशु पालन विभाग 89.47 फीसदी और माध्यमिक शिक्षा विभाग 90.59 फीसदी जियो टैगिंग कर सका। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने इस मामले में सख्त है। उन्होंने सभी पिछड़ रहे विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय-सीमा के भीतर जियो टैगिंग का कार्य पूरा करने को कहा गया है। ऐसा न करने पर संबंधित विभागों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। वन विभाग ने पौधरोपण के साथ ही शत-प्रतिशत जियो टैगिंग का कार्य पूरा कर लिया है।
अधिकारियों की लापरवाही
प्रभागीय वनाधिकारी हेमंत कुमार सेठ की लगातार बैठकों का भी असर नहीं हुआ। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद पिछड़ रहे विभागों के अधिकारी निर्देशों का पालन नहीं कर रहे। यह बेपरवाह रवैया पर्यावरण के प्रति उनकी चिंता की कमी दर्शाता है। उच्च अधिकारियों के निर्देशों का खौफ भी उनमें नहीं दिख रहा है।