तीन दिन से पड़ रहे पाला से आलू की फसल तबाह हो रही है। फूल वाली फसलों सरसों, सेमी, मटर व अरहर भी प्रभावित हैं। टमाटर की फसल में पाले की मार से किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। आलू की मंदी के साथ पाले के प्रकोप से किसानों को आर्थिक चोट पहुंच रही है। फसल को पाला से बचाने के लिए खेतों में नमी बनाए रखें।
किसान सतीश चंद्र, मुरारीलाल, राम स्वरूप, रामनिवास का कहना है कि क्षेत्र में बलुई व तलहटी वाली जमीनों पर खेतों में किसानों की ओर से नमी न कर पाने के चलते तीन दिनों से पछुआ हवाओं के साथ रात में पाला गिरने के साथ तापमान भी गिरा है। जिससे आलू की फसल में परपरा रोग के साथ झुलसा रोग का प्रकोप बढ़ा है। जिससे फसल बर्बाद हो रही है।
कहीं-कहीं पर आलू की 40-45 दिन की तैयार खड़ी फसल पर पाला की मार से पूरा खेत ही बर्बाद हो गया है। अब आधा उत्पादन भी न होने की उम्मीद है। जिससे किसानों की हालत पतली होती जा रही है।
किसानों का कहना है कि अगर पाला दो-चार दिन और पड़ा तो सरसों के साथ-साथ फूल वाली सभी फसलों का नुकसान होगा। इसके साथ ही टमाटर की फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। पाला की मार से टमाटर का स्वाद भी फीका हो जाएगा। इस पाले पर दवा आदि छिड़काव का असर नहीं दिखाई दे रहा है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी अभिनंदन सिंह ने किसानों को खेतों में सिंचाई के साथ नमी बरकरार रखने की हिदायत दी है। जिससे फसलों को पाले से बचाया जा सकता है।