आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर वाहन चलाते समय हुई लापरवाही आप पर भारी पड़ सकती है। एक्सप्रेस वे की निर्माण इकाई आपके वाहन से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए आप पर हर्जाना ठोकेगी। वहीं, जाल काटकर हाईवे पर मवेशी चढ़ाने पर संबंधित गांव के लोगों पर सामूहिक रूप से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
तेज रफ्तार वाहनों से आए दिन दुर्घटनाएं होने से हाईवे से लगे डिवाइडर, कीमती डिजाइनर बिजली पोल, रेडियम सांकेतिक बोर्ड समेत रेडियम बेल्ट टूटने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए निर्माणाधीन कंपनी एनसीसी के अधिकारियों ने प्रभारियों को एफआईआर दर्ज कराने के लिए निर्देश दिए हैं।
इसी मामले में दो दिन पूर्व तालग्राम में पैकेज संख्या 03 के सीनियर मैनेजर ने मार्ग दुर्घटना की राजस्थान के अजमेर कोकड़ी ललई निवासी ट्रक चालक द्वारिका प्रसाद के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर तोड़फोड़ की धारा 427 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराई है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का उद्घाटन अखिलेश सरकार ने कर दिया था, लेकिन अभी सरकार को कंपनी ने हैंडओवर नहीं किया है। नवंबर या दिसंबर में हैंडओवर करने की उम्मीद है।
हाईवे में पड़ने थानाक्षेत्र में वाहन दुर्घटनाओं को अंजाम देंगे तो संबंधित थाने में एफआईआर लिखाई जाएगी। सुबूत के तौर पर पुलिस को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। वहीं, न्यायालय में कंपनी मुकदमे की पैरवी करेगी। जिससे हुए नुकसान का हर्जाना मिल सकेगा। - शिवेंद्र श्रीवास्तव (एनसीसी, सीनियर मैनेजर, प्रबंधक)
गति सीमा से तेज फर्राटा भरते वाहन
हाईवे पर जगह-जगह चालकों के लिए निर्धारित गति सीमा के अंदर चलने के लिए संकेत बोर्ड लगाए गए हैं। जिसमें 100 किलोमीटर की रफ्तार से अधिक वाहन न चलाएं, लेकिन चालक 150 से 200 तक की स्पीड में फर्राटा भर रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार जगह-जगह ब्रेकर लगा दिए गए हैं। फिर भी वाहन चालक लखनऊ-आगरा से चढ़कर आवागमन कर रहे हैं।
हाईवे पर मवेशी चढ़ाए तो दर्ज होगी सामूहिक रिपोर्ट
कंपनी के सीनियर मैनेजर शीवेंद्र का कहना है कि ग्रामीण जगह-जगह लगे कंटीले तार को तोड़कर अन्ना मवेशियों को चढ़ा देते हैं। जिससे दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। वहीं, कई दुर्घटनाएं भी ऐसे मवेशियों के कारण रात में हुई हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जिस गांव के पास तार टूटा मिला और मवेशी हाईवे पर चढ़े मिले तो उस गांव के पशुपालकों पर सामूहिक रूप से रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
करोड़ों रुपये का हो चुका है नुकसान
कंपनी के मैनेजर शीवेंद्र के अनुसार हाईवे पर 80 हजार रुपये की लागत से रोशनी के लिए डिजाइनदार पोल तोड़ दिया है। वहीं क्राइच बैरियर के अलावा जाली, डिवाइडर के साथ, फूल-पौधों के अलावा रेडियम युक्त सांकेतिक बोर्ड भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
पुलिस की नहीं चलेगी मनमानी
हाईवे पर होनी वाली दुर्घटनाओं में पुलिस अभी तक दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को संबंधित थाने में लाकर उन्हें अपनी कार्रवाई कर छोड़ देती थी। पूछने पर पुलिस न्यायालय से रिलीज होने की बात कर मामला टाल देती थी, लेकिन अब पुलिस को न्यायालय की रिपोर्ट कापी देनी होगी।