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पांच माह का वेतन न मिलने से डाक्टर गुस्साए

Sun, 30 Jul 2017 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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बकाया वेतन के लिए प्राचार्य को ज्ञापन देते डाक्टर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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राजकीय मेडिकल कालेज में तैनात 56 जूनियर और सीनियर रेजीडेंट डाक्टरों को पांच माह से वेतन का भुगतान न मिलने पर शनिवार को डाक्टरों में आक्रोश फैल गया।
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नारेबाजी करते हुए सुबह 10 बजे के करीब प्राचार्य कार्यालय पहुंचे। यहां ज्ञापन देकर एक सप्ताह में बकाया भुगतान मांगा। वेतन न मिलने पर हड़ताल पर चले जाने की धमकी दी। इसी दौरान चार जूनियर डाक्टरों ने प्राचार्य से इस्तीफे की भी पेशकश कर दी। इस पर प्राचार्य ने आश्वासन दिया कि उन्होंने वेतन संबंधी बजट के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा व डीजीएमई कार्यालय को पत्र लिखा है। उन्हें उम्मीद है कि रक्षाबंधन तक बजट मिल जाएगा। प्राचार्य के इस आश्वासन पर सभी डाक्टर वापस आकर ओपीडी में काम करने लगे।

मेडिकल कालेज में संविदा पर 56 जेआए व एसआर की तैनात हैं। जेआर डाक्टर मार्कंडेय चतुर्वेदी व डा. अनूप ने बताया कि फरवरी माह से वेतन का भुगतान उन्हें नहीं मिला है। जिस वजह से सभी डाक्टर आर्थिक तंगी का शिकार हो गए हैं। हालात ये हैं कि मेडिकल कालेज में चलने वाली कैंटीन संचालक ने डाक्टरों को लंच व डिनर के लिए मना कर दिया है। उनका पहले से ही काफी बकाया है। वेतन न मिलने से अपने परिवार के साथ रह रहे कुछ डाक्टरों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। जून में एक बार पहले भी प्राचार्य को ज्ञापन दिया गया था। तब प्राचार्य ने 15 दिनों के भीतर बकाया वेतन का भुगतान कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद अभी तक भुगतान नहीं मिल पाया।
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सुबह 10 बजे के करीब डा. पुनीत, डा. उबैर, डा. निशांत श्रीवास्तव, डा. राकेश कुमार, डा. प्रवीण मिश्रा, डा. शकील, डा. जागेश्वर अवस्थी, डा. विवेक मिश्रा, डा. विपिन का प्रतिनिधि मंडल प्राचार्य से मिला। इस दौरान डा. उबैद, व डा. पुनीत ने प्राचार्य से कहा कि एक सप्ताह में वेतन न मिला तो सभी अपना इस्तीफा देकर मेडिकल कालेज छोड़ देंगे। डाक्टरों का यह भी कहना था कि रक्षाबंधन तक वेतन न मिला तो ओपीडी के बाहर कुर्सी डालकर मरीजों को उपचार करेंगे।
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