जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने फसल दुर्घटना बीमा योजना की पड़ताल के आदेश दिए हैं। उन्होंने उप निदेशक कृषि को छानबीन की जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम ने कहा कि जांच के दौरान यदि गड़बड़ी निकले तो दोषियों को चिह्नित करके जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। बीमा कंपनी, बैंकों की नकेल कसते हुए व्यवस्थाएं व उनकी कार्यप्रणाली सुधारने की कवायद की जाएगी।
किसान दुर्घटना बीमा योजना को लेकर अमर उजाला का अभियान बीते तीन दिन से चल रहा है। दिनांक 5 अप्रैल को ‘अड़ंगे हजार, किसान लाचार’, 6 अप्रैल को ‘फसल बीमा के नाम पर किसानों से छल’ और सर्वे में मनमानी कर रहे लेखपाल और 7 अप्रैल को ‘3557 किसानों को नहीं मिला बीमा क्लेम’ हेडिंग से खबरें छापी थीं।
डीएम ने इन खबरों को गंभीरता से लेकर फसल दुर्घटना बीमा योजना के क्रियांवयन की गहनता से छानबीन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह, उप निदेशक कृषि डा. राजेश कुमार समेत विभिन्न अफसरों के साथ पूरे मसले पर विचार किया ताकि किसानों को उनका हक दिलाया जा सके।
जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वे बैंकों से संपर्क कर पता कराएं कि जिले में ब्लाकवार कुल कितने किसानों के क्रेडिट कार्ड बने हैं, किस ग्राम पंचायत स्तर पर कितने किसानों के क्रेडिट कार्ड हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर कितने किसान किस फसल में बीमा योजना के दायरे में आते हैं। कितने किसानों का प्रीमियम बैंकों ने काटा है और उनमें से कितने किसानों के प्रीमियम को बीमा कंपनी तक भिजवाया है। इन सारे सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे।
डीएम ने बताया कि खरीफ में हुए नुकसान के लिए चिह्नित 3557 किसानों की सूची सार्वजनिक की जाएगी ताकि किसानों को पता चल सके कि उन्हें लाभ मिला या नहीं। प्रयास किया जाएगा कि यह सूची ब्लाक व जनपद स्तर पर चस्पा कराई जाए। जिन किसानों को बीमा क्लेम की धनराशि दी जानी है
उन्हें इसकी सूचना भी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। यदि बीमा कंपनी के स्तर से क्लेम देने में विलंब किया गया है तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी होगी। यह भी पता किया जाएगा कि क्राप कटिंग की रिपोर्ट में दर्शाए गए नुकसान के अनुपात में किसानों को क्लेम मिल रहा है या नहीं।
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बैंक आफ बड़ौदा की शाखा खड़नी की जांच होगी
डीएम ने बताया कि किसानों ने शिकायत की हैं कि बैंक आफ बड़ौदा खड़िनी ब्रांच में किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने वाले कई किसानों का प्रीमियम काटा गया है। जबकि बीमा कम किसानों का हुआ है। लीड बैंक मैनेजर को आदेश दिए गए हैं कि वह इस बैंक शाखा में फसल दुर्घटना बीमा के रिकार्ड की पूरी जांच कराएं। कुल कितने किसानों ने क्रेडिट कार्ड बनवाए। कितने किसानों का प्रीमियम काटा गया। कितने किसानों का बीमा हुआ। इसकी छानबीन कर आख्या जल्द से जल्द भेजी जाए।
किसान दुर्घटना बीमा योजना का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाया जाएगा। क्राप कटिंग सही तरीके से कराकर नुकसान का मूल्यांकन कराएंगे। जहां पर ज्यादा नुकसान हुआ है वहां के किसानों को नियमानुसार तत्काल क्लेम दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा। वह खुद फसल दुर्घटना बीमा योजना की मानीटरिंग करेंगे। बिंदुवार जानकारी जुटाने के बाद किसानों को उनके हक का एक-एक पैसा दिलाएंगे।
अनुज कुमार झा, डीएम, कन्नौज।