माध्यमिक शिक्षक संगठनों ने शिक्षकों की तमाम मांगों को लेकर मूल्यांकन कार्य व्यवधान डालकर कई दिनों तक रार तो फैलाई। मामला सुलटता व शासन स्तर पर किसी तरह की मांग पूरी न होते देख शिक्षक पारिश्रमिक को लेकर मूल्यांकन कार्य में वापस होते दिखाई दे रहे हैं। वित्त विहीन शिक्षक संगठन भी अब खुलकर विरोध करते नजर नहीं आ रहे हैं।
जो शिक्षक विरोध कर भी रहे हैं, वह अपना विरोध दर्ज कराने के बाद बाद भी कापियों को जांचते दिख रहे हैं। जिसका सीधा कारण है कि कई दिनों से कांपी न जांचने से उनको मिलने वाले पारश्रमिक का घाटा झेलना पड़ रहा था। हालांकि दिखावे के लिए शिक्षक संगठनों के नेता अभी कम तादात में कापी जांच रहे हैं।
विदित हो कि सरकार पर दवाब बनाने के लिए मूल्यांकन के शुरुआती दिनों में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट, वित्त विहीन शिक्षक संघ सहित कई शिक्षक संगठनों ने अपने संगठन के साथियों के साथ मांगों को बलुंद किया। यहां तक एसबीएस कालेज में रविवार को मूल्यांकन के दौरान पहुंचे शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन को भी हंगामे के दौरान शिक्षकों ने खरी खोटी सुनाई।
बाद में विरोध कर रहे शिक्षकों को अपने ही लोगों के बीच वाद-विवाद की स्थित से गुजर पड़ा। सोमवार को विरोध का असर हल्का होता दिखाई दिया। अधिकतर शिक्षक कापी जांचते नजर आए। एसबीएस कालेज में परीक्षकों ने 17011 व केके इंटर कालेज में परीक्षकों ने 6387 कापियों को जांचा। उप नियंत्रक एमसी पाल, वीके श्रीवास्तव का कहना है कि समय अवधि में मूल्यांकन कार्य खत्म कर लिया जाएगा।