खुशबुओं के शहर में बाजार की खोई हुई रौनक को वापस
लाने के लिए जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी, अपर
जिलाधिकारी रमेश चंद्र यादव सहित अन्य अफसरों ने तिर्वा क्रासिंग से
बीएसएफ, पीएसी और पुलिस के जवानों के साथ व्यापारियों के साथ वार्ता कर
दुकानें खोलने की अपील कीं, ताकि जरूरतमंद लोगों को रोजमर्रा की चीजें
आसानी के साथ मिल सके।
प्रशासनिक अमले के सुरक्षा के भरोसे को देखते
हुए व्यापारी आगे और उन्होंने अपनी दुकानों को खोला। सब्जी, मेडिकल स्टोर,
मोबाइल, परचून, मिष्ठान भंडार सहित अन्य दुकानें खुलते ही खरीदारी को लंबी
भीड़ लग गई। हालांकि, दुकानदारों ने भय के चलते तीन से साढे़ तीन घंटे तक
ही दुकानें खोली, इसके सभी ने दोबारा अपनी दुकानों को बंद कर दिया।
ज्ञात
हो कि पिछले चार दिनों से शहर में जारी अघोषित कर्फ्यू के चलते सारा जनजीवन
अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को जरूरत की चीजों के लिए तरसना पड़ रहा है।
सड़कों और बाजारों में छाए सन्नाटे को खत्म करने व बाजारों की रौनक को
वापस लाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यापारियों व अन्य वर्गों के
लोगों से वार्ता करके दुकानें खुलवाए जाने की अपील की।
तिर्वा क्रासिंग,
गढ़ैया, ग्वालमैदान, सुशीला देवी इंटर कालेज के समीप तक की दुकानों को
खोलने की अनुमति प्रदान की गई। करीब साढ़े तीन घंटे तक दुकानें खुली रही।
हालांकि, लोगों के अंदर बवाल का भय होने के कारण परचून सहित बड़ी दुकानें
बाद में बंद हो गई, पर पान-मसाला, मेडिकल स्टोर की इक्का-दुक्का दुकानें
खुली रही।
उधर, एसडी गर्ल्स इंटर कालेज के आगे मिठाई गली, अजयपाल चौराहा,
लाखन तिराहा, हरदेवगंज, चिरैयागंज, मकरंदनगर, सब्जी मंडी, पीतल मंडी,
हाजीगंज, रानीचाह, पाटानाला सहित शहर के अन्य मोहल्लों में प्रशासन ने किसी
तरह की नरमी नहीं दिखाई। इन मोहल्लों में अघोषित कर्फ्यू लागू रहा।
हालांकि, जिन क्षेत्रों में दुकानें खोली गई, वहां पर पीएसी व पुलिस के
जवान बराबर गश्त करते रहे। दुकानों पर किसी तरह की भीड़ एकत्र नहीं होने
दी गई। प्रशासन शहर में पहले के हालातों को देखते हुए फूंक-फूंककर कदम रख
रहा है। उधर, पिछले चार दिनों से अघोषित कर्फ्यू का दंश झेल रहे शहर के
लोगों को रोजमर्रा की चीजें मुहैया नहीं हो पा रही है। ऐसे में वह सरायमीरा
से शहर के अंदर आने वाले लोगों से संपर्क करके चीजें मंगा रहे है।