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छाप तिलक कर दीनी मोसे नैना मिलाय के...

Thu, 10 Dec 2015 12:35 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, कन्नौज
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अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कव्वाली गायक वारसी ब्रदर्स का पहली बार नगर आगमन पर शानदार इस्तकबाल किया गया। सुप्रभाष अकादमी के तरंग रंग मंच पर उनकी सूफियाना कव्वालियों को जमकर दाद मिली।
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स्पिक मैके के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त उप्र मत्स्य विकास निगम के अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि देश की धरोहरों को बचाने में स्पिक मैके का योगदान सराहनीय है।

 
सूफियाना कव्वालियों की शुरुआत करते हुए मो. अहमद खान वारसी ने ख्वाब्जा मईनुद्दीन चिश्ती को याद करते हुए शेर पढ़ा- तेरे ही नाम से हर इब्तिदा है, तेरे ही नाम तक हर इंतहा है- चमन में सुबह को इसलिए गिरती है शबनम कि पत्ता पत्ता करे याद तेरे बावजू तेरे। इसके बाद उन्होंने हजरत अमीर खुसरो की रचनाएं कव्वालियों की शक्ल में पेश करके खूब वाहवाही लूटी।
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गोरी सोके सेज पर और मुख पर डारो केश, चल खुसरो घर आपने सांझ भई जो देश...  छाप तिलक कर दीनी मोसे नैना मिलाय के और जो मैं ऐसा जानती कि प्रीति किए दुख होए... आदि बेहतरीन कव्वालियों की प्रस्तुति पर तालियों की गडग़ड़हाट गूंजती रही।


इस दौरान हरमोनियम पर खालिद हुसैन,तबला पर वारिस नवाज और जोरस में तस्लीम मियां, नासिर हुसैन, गुलाम रसूल, नाजिस हुसैन ने संगत दी।

 
विख्यात कवि ओमप्रकाश शुक्ल अज्ञात के संचालन में हुए कार्यक्रम में अकादमी के निदेशक इंजी. सुप्रभाष सक्सेना, अविनाश सक्सेना एडवोकेट, देवेश सक्सेना, हिमांशु सक्सेना, सैयद इशहाक, जमील आशू, पूर्व चेयरमैन सुभाना रफी, हरीओम शर्मा, मोहित यादव आदि ने शाल व प्रतीक चिन्ह भेंट करके राज्य मंत्री सहित वारसी ब्रदर्स और उनकी टीम का अभिनंदन किया।
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