पश्चिमी बाईपास पर ट्रक से कुचलकर बालक की मौके पर ही
मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उठाकर सीएचसी भेज दिया। इससे
नाराज होकर लोगों ने बाईपास पर जाम लगा दिया।
सूचना पाकर पूर्व विधायक
ताहिर हुसैन सिद्दीकी, एसडीएम छिबरामऊ महेश चंद्र दीक्षित, सीओ सदर करन
सिंह भारी पुलिस बल व पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाबुझाकर
शांत कराया। दुर्घटना करके भागे चालक को ट्रक समेत पकड़ लिया गया है।
मिली
जानकारी के अनुसार, मोहल्ला किदवई नगर निवासी रिजवान का पुत्र शानू (12)
मंगलवार की शाम करीब चार बजे बच्चों के साथ खेलते हुए पैदल घर आ रहा था।
पश्चिमी बाईपास पर रेलवे क्रासिंग के पास सड़क पार करते समय दिल्ली की ओर
जा रहे ट्रक ने बालक को टक्कर मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को उठाकर सीएचसी भेज दिया। इस दौरान किसी ने
पुलिस पर शव गायब करने का आरोप लगाकर अफवाह फैला दी। इससे लोगों में
आक्रोश फैल गया और उन्होंने घटनास्थल पर जाम लगा दिया। इससे
गुरसहायगंज-फर्रुखाबाद और कानपुर दिल्ली मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई।
सूचना पर पूर्व विधायक ताहिर हुसैन कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने भी पुलिस के
इस कदम पर नाराजगी जताई। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम, सीओ से वार्ता के
बाद शव को सीएचसी से कोतवाली लाया गया। यहां परिजन पहुंचे और भीड़ ने जाम
खोल दिया। करीब डेढ़ घंटे तक लगे रहे जाम से रामगंज बाईपास पर वाहनों की
लंबी कतार लगी रही।
पुलिस ने चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद शव को
पोस्टमार्टम को भेज दिया है। उधर, पुलिस ने एक बार फिर दुर्घटना के बाद
परिजनों की सहमति के बगैर शव उठाकर सीएचसी में ले जाने की गलती दोहराकर
बवाल को दावत दी।
इससे पहले वर्ष 11 में भी दुर्घटना में दो लोगों की
मौत के बाद पुलिस ने शव मौके से हटवा दिए थे।
इसके बाद जाम लगाने पर लोगों
पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। तब भड़की भीड़ ने कोतवाली के बाहर ट्रक
फूंका था और पथराव करके एसपी को घायल कर दिया था। बाद में बवाल काबू करने
को पुलिस ने फायरिंग की थी, जिससे युवक की कोतवाली के बाहर मौत भी हो गई
थी। मंगलवार को एक बार फिर उस घटना के जख्म हरे हो गए।