कन्नौज। खेत खलिहान में पहले की तरह फसल लहलहाए ऐसी कामना कर महिलाओं ने बच्चों के साथ भगवान की पूजा-अर्चना कर आरती की। गांव के अधिकतर पुरुष जहां शहर आकर मजदूरी कर रहे हैं।
सदर तहसील के गांव सदिकापुर में बीस वर्षों से शेखाना नाले के पानी से 250 बीघा खेती की भूमि में भरा हुआ है। पानी में जलकुंभी की बेल पसरी हुई है। 50 से अधिक किसान खेत होने के बाद भी दूसरों के यहां मजदूरी करने के लिए मजबूर है। प्रशासन व जनप्रतिनिधि भी लाचार बनकर काम कर रहे हैं। पानी का तेज बहाव होने के कारण घरों व प्राइमरी स्कूल सहित पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर गंदा पानी भरा हुआ है।
अमर उजाला ने अभियान के तहत ग्रामीणों का दर्द बयां किया। शनिवार को राज्यमंत्री एवं सदर विधायक असीम अरुण ने जल निगम व नगर पालिका के अधिकारियों के साथ गांव का दौरा कर हल निकालने के निर्देश दिए थे लेकिन तीसरे दिन भी कोई नतीजा नहीं निकला। गांव की सुनैना देवी, जगरानी, रामा व छोटी सी बच्ची रिशमी ने मंगलवार को भगवान की पूजा-अर्चना कर आरती की।
सभी ने ईश्वर से प्रार्थना कि इस बार खेत में भरा गंदा नाले का पानी किसी तरह से निकल जाए। ताकि खेतों में फसल लहराए और होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा सके। सभी को नए कपड़े व खाने पीने का सामान मुहैया हो सके।
गांव के प्रधान विकास बाबू कनौजिया ने बताया कि मंत्री के सामने जल निगम के अधिकारियों ने तीन दिन में प्रस्ताव बनाकर देने का भरोसा दिया था। वहीं, दूसरी टीम ने एक सप्ताह में चोक सीवर लाइन को खुलवाकर पानी वहां से निकालने की बात कही थी लेकिन अभी तक कहीं ठोस काम नहीं शुरू हो पाया है।