शराब के अवैध कारोबार को लेकर शुरू हुए विवाद ने
गुरुवार को खूनी रूप ले लिया। पश्चिमी बाईपास पर निगम मंडी के पास बुलाई गई
पंचायत के दौरान दो पक्षों में संघर्ष हो गया, जिसमें लाठी-डंडे और धारदार
हथियार से हमला बोला गया। इस बीच फायरिंग से भगदड़ मच गई।
दोनों पक्षों के
खून से लथपथ 16 घायल कोतवाली पहुंचे। गंभीर हालत होने पर चार को जिला
अस्पताल रेफर कर दिया गया। गिहार कालोनी में शराब का बड़े पैमाने पर
कारोबार होता है। पंचायत चुनाव के पूर्व पुलिस ने अभियान चलाकर वहां बड़े
पैमाने पर शराब की भट्ठियां ध्वस्त कर काफी मात्रा में शराब बरामद की थी।
साथ ही हजारों लीटर लहन भी मौके पर नष्ट किया था। इस मामले में पुलिस ने कई
लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी। पुलिस की इस कार्रवाई से
खफा पीड़ितों ने मोहल्ले के ही कुछ लोगों को दोषी मानते हुए उनके इशारे पर
पुलिस द्वारा कार्रवाई की बात की गई थी।
उसी समय से मोहल्ले में दोनों
पक्षों के बीच विवाद और तनातनी चली आ रही थी। इसी विवाद को निपटाने को
गुरुवार सुबह पश्चिमी बाईपास पर मंडी समिति के पास पंचायत बुलाई गई थी।
पंचायत शुरू होते ही विवाद शुरू हो गया। गालीगलौच के साथ दूसरे पक्ष ने
पंचायत में आए गिहार कालोनी के बाशिंदों पर हमला बोल दिया।
जमकर
लाठी-डंडे और धारदार हथियारों का प्रयोग किया गया, जिससे 16 लोग लहूलुहान
हो गए। इसी दौरान आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिससे भगदड़ मच गई।
झगड़े और फायरिंग की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच
घायल कोतवाली आ धमके। पुलिस ने सभी को सीएचसी भेज दिया।
मोहल्ले के लोगों
ने बताया कि दो महिलाओं के बीच विवाद को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। एक महिला
का आरोप है कि मोहल्ले के ही कुछ लोग स्मैक, चरस और शराब का बड़े पैमाने
पर कारोबार करते हैं। उनकी पुलिस से भी गहरी सांठगांठ हैं। उनके ही इशारे
पर कोतवाली पुलिस ने मोहल्ले में कार्रवाई की थी, जबकि उन लोगों के खिलाफ
पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही उनके घरों में छापामार कार्रवाई की
थी।
उन लोगों ने पंचायत बुलाई थी और उलटा हमला बोल दिया, जिसमें दोनों
पक्षों से जीतू, दीपिका, करन, मन्नी, सुधा, करन, कोमल, पप्पी, सरला,
रागिनी, सोनू, संजय, रोमी, रानी, क्रांती, बबली घायल हो गए। इनमें से गंभीर
घायल चार लोगों को जिला अस्पताल कन्नौज रेफर किया गया है।
इस बाबत कोतवाल
रामप्रकाश पांडेय ने बताया कि देर शाम तक किसी भी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं
दी है। घायलों को डाक्टरी परीक्षण को भेजा गया है। तहरीर आने के बाद भी
कार्रवाई की जाएगी। यदि तहरीर नहीं आती है तो पुलिस कार्रवाई करेगी।