कन्नौज। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है। महज तीन दिन का समय शेष है। ऐसे में अपनी निधि का पूरा उपयोग करने और लंबित विकास कार्यों का भुगतान कराने के लिए ग्राम प्रधानों और सचिवों में होड़ लगी है। पंचायतों में हुए विकास कार्यों के बिल पास किए जा रहे हैं और डोंगल लगाकर भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है।
अचानक वर्कलोड बढ़ जाने के कारण पंचायती राज विभाग का ऑनलाइन ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की गति कुछ दिनों से बेहद धीमी पड़ गई है। सर्वर पर लोड बढ़ने से साइट ठीक ढंग से काम नहीं कर पा रही है, जिससे भुगतान में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिन में पोर्टल न चलने के कारण कई सचिव और प्रधान देर रात और सुबह जल्दी उठकर डोंगल लगाने को मजबूर हैं, ताकि बजट लैप्स होने से बचा सकें।
सदर ब्लाॅक व जलालाबाद क्षेत्र के ग्राम प्रधान ने बताया कि कुछ दिनों से पोर्टल की गति बेहद धीमी हो गई है, इससे भुगतान में दिक्कत आ रही है। जिस तरह कार्यकाल के अंतिम दिनों में विकास कार्यों के नाम पर ताबड़तोड़ बिल पास किए जा रहे हैं। ऐसे में वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी भुगतानों की आशंका भी बढ़ गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने बताया कि 26 मई की आधी रात को कार्यकाल समाप्त होते ही ग्राम प्रधानों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार समाप्त हो जाएंगे। पंचायत चुनाव होने तक गांवों के विकास कार्यों के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सहायक विकास अधिकारी या अन्य नामित अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त कर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।