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Kannauj News: सुनवाई न होने से आहत राजघराने ने दी पलायन की चेतावनी

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कन्नौज। जिले की ऐतिहासिक विशुनगढ़ रियासत का राजपरिवार अपनी पैतृक संपत्ति बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। लंबे समय से सुनवाई न होने से आहत राजघराने ने गुरुवार को अब गांव से पलायन करने की चेतावनी दी है। पीड़ित रानी ने परिजनों के साथ जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है।
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राजघराने का आरोप है कि उनकी करोड़ों की जमीन पर भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया है। बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। रानी पुष्पा त्रिपाठी ने डीएम को दिए पत्र में अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज विशुनगढ़ स्टेट के राजा थे। उनकी ददिया सास ने किला के सामने एक शिव मंदिर बनवाया था। मंदिर के नाम दर्ज गाटा सरकारी कागजों में हैं और वह उसकी प्रबंधक हैं। शिव मंदिर की संपत्ति पर कुछ लोगों की नीयत खराब है। उनसे कई बार अभद्रता कर धमकी भी दी गई है। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पीड़ित से वार्ता की है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है।
रानी पुष्पा त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि उनके बड़े बेटे गौरव चौधरी को जहर देकर मार दिया गया था। उन्होंने कहा कि कब्जा न छोड़ने पर छोटे बेटे प्रशांत को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। मुख्यमंत्री पोर्टल और जिले के आला अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई। पीड़ित विधवा का दावा है कि प्रशासन की चुप्पी से उनका मनोबल टूट चुका है। उनके पास अब गांव छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। भूमाफियाओं ने कब्जा करने की नीयत से ग्राम रैपुरा के एक युवक से एक गाटा संख्या का बैनामा करा लिया है। रानी ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें प्रशासन का सहयोग नहीं मिला तो वह बेटे और नाती के साथ पलायन कर जाएंगी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच छिबरामऊ एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी को सौंपी है।
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