पुलिस ने छापामार कर नगर में नकली खाद बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। मौके पर 290 बोरी नकली खाद खाद बनाने की सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने दो लोडर भी मौके से जब्त किए हैं। एसडीएम के निर्देश पर कृषि विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने खाद की सेंपलिंग की। पुलिस ने महिला समेत एक लोडर चालक को भी हिरासत में लिया है। मामले में फैक्टरी मालिक व उसकी पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
नगर के पश्चिमी बाईपास पर मोहल्ला ककरैया स्थित एक मकान में खाद की पैकिंग का कारोबार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने बुधवार सुबह मकान में छापा मारा। मकान के एक कमरे में नकली खाद की बोरियां भरी थी। दूसरे कमरे में नकली खाद बनाने की सामग्री थी। पैक करने के लिए खाली बोरियां और पैकिंग मशीन भी मौजूद थी। घर के बाहर खाद की बोरी लदे दो लोडर भी मिले। पुलिस को देखकर एक लोडर चालक मौके से फरार हो गया।
दूसरे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कोतवाल अरविंदमोहन जायसवाल ने इसकी सूचना एसडीएम महेशप्रसाद को दी। एसडीएम ने छानबीन के बाद उन्होंने जिला कृषि अधिकारी नीरजरान कटियार को मामले से अवगत कराया। मौके पर पहुंचे जिला कृषि अधिकारी ने सामग्री का सैंपल भरवाए। कोतवाल ने बताया मौके से 290 बोरी नकली खाद की बरामद हुई है। मामले में फैक्ट्री मालिक राधाकृष्ण बाथम और उसकी पत्नी श्रीदेवी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
गेरू, नमक और पोटाश से तैयार की जाती थी खाद
छिबरामऊ। नकली खाद का कारोबार करने वाले माफिया कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाने के चक्कर में किसानों के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। नकली खाद बनाने के लिए कारोबारी नमक के साथ गेरू और कुछ मात्रा में पोटाश का मिश्रण बनाकर ब्रांडेड कंपनी की प्रिंटेड बोरियों में पैक कर सप्लाई करते थे। बाजार में जिस खाद की बोरी की कीमत लगभग आठ सौ रूपए है उस खाद को गेरू, नमक और पोटाश मिलाकर तैयार की जाने वाली नकली खाद की कीमत बमुश्किल से 300 रूपए से ज्यादा नहीं होगी। नकली खाद का कारोबार करने वाले माफिया जहां किसानों के साथ खिलवाड़ कर रहे थे वहीं उनकी उपजाऊ जमीन को भी क्षति पहुंचाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रहे थे।