बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर प्रदर्शन करते सफाईकर्मी।
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भुगतान न मिलने पर नगरपालिका के सफाई कर्मियों ने हाथ में झाड़ूू लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर प्रदर्शन किया। सफाईकर्मियों ने बैंक कर्मियों पर शोषण का आरोप लगाया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने सफाईकर्मियों को शांत कराया।
गुरुवार सुबह नगरपालिका के दर्जन भर से अधिक सफाईकर्मी बैंक ऑफ बड़ौदा भुगतान लेने गए थे। वहां पता चला कि चार हजार रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस पर सफाईकर्मियों ने बैंक में हंगामा शुरू कर दिया। बैंक में तैनात सुरक्षा गार्ड ने सफाईकर्मियों को बाहर निकाल दिया तो उन्होंने हाथ में झाड़ूू लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। सफाईकर्मी प्रताप सिंह ने बताया कि नगरपालिका से उनके खाते में वेतन भेजा गया है। नोटबंदी के बाद भुगतान न मिलने पर मोहल्ले की राशन की दुकानों पर दस हजार से अधिक की उधारी हो गई है। अब दुकानदार राशन नहीं दे रहा है। सुभाषचंद्र का कहना था कि बैंक में दिए जा रहे चार हजार रुपये पर्याप्त नहीं हैं।
श्यामबाबू का कहना था कि बैंक को विड्राल के अनुसार भुगतान करना चाहिए। असमान वितरण से लोगों में आक्रोश की भावना पनप रही है। बैंक में हंगामे की जानकारी पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने आक्रोशित सफाईकर्मियों को शांत कराया। इस दौरान पप्पू, विजय, चमनलाल, धरमा, पिंटू, उमाशंकर, बाबूलाल, रिंकू, नरेशचंद्र, अजय व उपदेशचंद्र सहित कई सफाईकर्मी मौजूद रहे।