सौरिख। दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग मानसिक रूप से बीमार किशोरी ने बुधवार को सीएचसी में एक बेटे को जन्म दिया। स्वास्थ्य विभाग की सूचना पर बाल संरक्षण अधिकारी ने पहुंच कर जानकारी ली और बच्चे को चाइल्ड हेल्प लाइन के हवाले करने की बात कही। वहीं, नवजात की नानी ने उनके कोई बेटा न होने का हवाला देते हुए स्वयं ही उसका पालन पोषण करने की जिम्मेदारी उठाने की बात कही है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅक्टर अजहर सिद्दीकी की सूचना पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुपम राॅय बाल संरक्षण अधिकारी को नवजात चाइल्ड हेल्प लाइन भिजवाने के निर्देश दिए। जांच करने पहुंचे बाल संरक्षण अधिकारी विजय कुमार राठौर तथा सामाजिक महिला कार्यकर्ता रूबी पाल ने दुष्कर्म पीड़िता की मां से वार्ता की। महिला ने बताया कि उसकी चार पुत्रियां हैं, पुत्र न होने के कारण नवजात बच्चे का स्वयं पालन पोषण करना चाहती है। इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुपम राय ने बताया कि विधिक रूप से बच्चों के पालन पोषण के लिए नानी को सुपुर्द किए जाने के लिए बाल कल्याण समिति कन्नौज की कार्रवाई के बाद ही नवजात शिशु नानी के सुपुर्द किया जाएगा। बच्चे की देखरेख के लिए बाल संरक्षण इकाई 18 वर्ष की आयु तक काउंसलिंग कर परिवार की हर सम्भव मदद करेगी।