तिर्वा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के तहसील क्षेत्र के सिकरोरी गांव के पास बंद पड़ी सर्विस लेन को चालू करने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को विधान परिषद में विपक्ष के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया।
विधान परिषद सदस्य ने कहा कि 30 जुलाई 2024 को सदन में इस विषय पर चर्चा के दौरान मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने स्पष्ट कहा था कि सर्विस लेन के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। उनका आरोप है कि मंत्री के इस बयान के बावजूद किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि किसानों से जमीन लेने का प्रयास किया जा रहा है और इस संबंध में किसानों की याचिका अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
उन्होंने सदन में यह भी याद दिलाया कि उस समय सभापति ने भी विपक्ष के पक्ष में बात करते हुए कहा था कि यदि नौ महीने में सड़क नहीं बनती है तो वह स्वयं कार्रवाई की बात करेंगे। सदस्य ने सदन में मंत्री के उसी दिन के सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें मंत्री ने विपक्ष पर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था। सदस्य ने सवाल उठाया कि अब सभापति यह बताएं कि झूठ कौन बोल रहा है सत्ता पक्ष या विपक्ष। उन्होंने सभापति से आग्रह किया कि वह मंत्री से स्पष्ट समय सीमा तय कराएं कि अधिग्रहित जमीन पर रोड का निर्माण कार्य कब तक पूरा किया जाएगा। इस बहस के बाद सदन में माहौल एक बार फिर गरमा गया।