मोचीपुर प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को एमडीएम परोसने के लिए बनवाया गया आदर्श भोजन स्थल उपेक्षा का शिकार है। यहां चारों ओर गंदगी का अंबार है। विद्यालय में अवकाश होने पर भोजन स्थल पर मवेशियों को चारा खिलाया जाता है। विभागीय अफसर इससे अनजान हैं। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया है।
क्षेत्र के गांव मोचीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय उपेक्षा का शिकार है। विद्यालय परिसर की न तो बाउंड्रीवाल है और न ही साफ-सफाई। परिसर में व्याप्त गंदगी से संक्रामक रोगों के फैलने का अंदेशा है। निरीक्षण को आने वाले विभागीय अफसर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव निवासी बृजेश कुमार का कहना है कि टीचरों की उदासीनता से बच्चे विद्यालय में इधर-उधर घूमते रहते हैं। कई बार अभिभावकों ने ऐतराज जताया।
लेकिन टीचरों के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ। गांव निवासी डा. शब्बीर सैयद का कहना है कि बच्चों को एमडीएम परोसने के लिए बनवाए गए शेड में गंदगी का अंबार है। टीनशेड में मवेशियों को बांधा जाता है। निर्मल भारत अभियान के तहत विभाग द्वारा बनवाया गया यह टीनशेड दुर्दशा का शिकार है। गांव निवासी अवनीश का कहना है कि मेनू के मुताबिक एमडीएम बनाने में भी लापरवाही बरती जाती है।
अंकित दुबे का कहना है कि शिक्षा विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। निरीक्षण के दौरान भी औपचारिकता पूरी की जाती हैं। उधर ग्रामप्रधान जितेंद्र कुमार कटियार का कहना है कि विद्यालय की बाउंड्रीवाल के निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। परिसर में सफाई व्यवस्था जल्द ठीक कराई जाएगी। साथ ही एमडीएम परोसने के लिए बनवाए गए भोजन स्थल में अवैध कब्जा करने वाले पशुपालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।