आलू के जुते खेत को दिखाता किसान सीटू यादव।
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नोटबंदी के बाद आलू पर छाई मंदी से परेशान किसान ने खेत में खड़ी चार बीघा आलू की फसल को जुतवा दी। अब वह इस खेत में गेहूं बोएगा। ग्राम बहवलपुर निवासी किसान सीटू यादव ने चार बीघा में आलू की फसल की थी।
सोचा था आलू की कच्ची फसल से उसे बेहतर मुनाफा होगा, लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद आलू के बाजार भाव में आई मंदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। आलू की फसल आधी तैयार हो गई थी, लेकिन लागत निकलनी मुश्किल है। ऐसे में जुताई करवाकर आधा अधूरा आलू निकलवा लिया है। अब इसमें गेहूं बो रहा है। उम्मीद है कि गेहूं से घाटा पूरा हो जाएगा।