मंडी समिति परिषद में ई-नाम आप्शन कार्यशाला का जिलाधिकारी ने आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने मंडी सचिव से व्यवस्थाएं पूछी। जिलाधिकारी डा. अशोक चंद्र गुरुवार की दोपहर अचानक मंडी समिति पहुंचे। पहले उन्होंने एआरटीओ कार्यालय में पहुंच कर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद वह सीधे मंडी समिति परिषद में स्थापित ई-नाम आप्शन सेंटर पहुंचे। यहां उन्होंने मंडी सचिव आदित्य यादव से सेंटर की तैयारी के बारे में जानकारी ली।
बताया गया कि इस सेंटर के माध्यम से सभी उत्पादन आनलाइन बिक्री हो सकेंगे। किसानों की फसल नेट के जरिए बड़े व्यापारियों तक पहुंचेगी। व्यापारी फसल की गुणवत्ता परख कर उसकी कीमत लगाएंगे। यदि किसान अपनी फसल को वाजिब दाम पर बिक्री करना चाहता है तो संबंधित व्यापारी उस फसल को खरीद लेगा। यही नहीं भुगतान भी आनलाइन कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने उक्त सेंटर की अन्य व्यवस्थाएं भी जांची। करीब 45 मिनट तक मंडी समिति में रहकर उन्होंने मंडी सचिव से टैक्स सहित अन्य जानकारियां ली।
जिलाधिकारी ने कहा कि मंडी की व्यवस्थाएं बेहतर रखी जाएं। जिससे किसानों को उनकी फसलों की सही कीमत मिल सके। तौल में किसी भी तरह की हेराफेरी न होने दी जाए। इस मौके पर एआरटीओ राहुल श्रीवास्तव के अलावा मंडी समिति के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
क्या है ई-नाम
किसान आनलाइन ट्रेडिंग कर सकता है, दूसरी जगह से उच्च वैरायटी का सामान मंगा सकता है, उसकी जानकारी ले सकता है। आनलाइन भुगतान भी कर सकता है। अपने खेत में उपज की जानकारी भी ले सकता है।