तिर्वा। क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से शासन ने पिछले साल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा बनाने की घोषणा की थी। इस परियोजना के तहत तहसील प्रशासन ने चिह्नित जमीन का प्रस्ताव बनाकर यूपीडा को भेजा था। इसे मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। एक साल से प्रथम चरण में चल रहा भूमि अधिग्रहण पूरा नहीं हो सका है। तहसील प्रशासन 70 फीसदी किसानों का बैनामा कराकर जमीन अधिग्रहण कर पाई है।
प्रशासन ने औद्याेगिक गलियारा के लिए अलीपुर अहाना, ठठिया, चंदौली और भुन्ना गांवों में भूमि चिह्नित की थी। प्रथम चरण में अलीपुर अहाना गांव के 850 किसानों की 144 हेक्टेयर जमीन को अधिग्रहण करने के लिए पिछले साल दो मार्च को गजट का प्रकाशन कर यूपीडा के पक्ष में बैनामा कराए जाने थे। तहसील प्रशासन के अनुसार, अब तक 570 किसानों ने अपनी जमीन यूपीडा को हस्तांतरित कर दी है। यह कुल प्रक्रिया का 70 फीसदी से अधिक है। शेष किसानों की जमीन को अधिग्रहण करने के लिए तहसील प्रशासन लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी बैनामा प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल का कहना है कि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए करीब 30-35 किसानों ने बैनामा करने से मना किया है। उनकी भूमि को अधिग्रहीत किया जाएगा। कई लोग बाहर हैं, जो बैनामा करने को तैयार है। जल्द की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जएगा। इसके लिए तिर्वा एसडीएम व तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं।