उमर्दा विकास खंड में बुधवार को होने जा रहे मतदान को
लेकर कस्बे के डीएन इंटर कालेज से 326 पोलिंग पार्टियां रवाना की गई। इस
दौरान जिलाधिकारी अनुज कुमार झा व पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने संयुक्त
रूप से क्षेत्र के सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ ही कलस्टर मोबाइल
में लगे पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर कड़ी हिदायतें दी।
डीएम ने मौजूद
जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश देते हुए कहा कि बुधवार को होने
वाले अंतिम चरण के मतदान को लेकर सभी को अपनी पूरी ऊर्जा लगानी होगी।
उमर्दा व हसेरन दोनों विकास खंड काफी संवेदनशील हैं। पिछले पंचायती चुनाव
के दौरान भी हिंसा की कई घटनाएं हुई थी। इसको लेकर काफी सतर्कता बरतने की
जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सबसे अधिक फसाद फर्जी वोटिंग के आरोपों को लेकर
होता है। सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट सुबह सात बजे से 11 बजे तक
अपने-अपने क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर सख्ती बरतें। वोटरों की आईडी को
ढंग से चेक करे। मतदान केंद्र के बाहर यदि भीड़ जमा हो रही है तो सख्ती के
साथ उसे खदेड़ दें। अतिरिक्त जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट यह ध्यान रखें कि
गांव में भी भीड़ जमा हो तो वहीं रुककर भीड़ को तितर-बितर करें।
कहा कि
यह अंतिम दौर है, चुनाव आयोग काफी सख्त है। इस वजह से छोटी-छोटी बातों को
भी गंभीरता से लें। एसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि मतदान के दौरान अक्सर यह
मामले सामने आते हैं कि बाहरी स्थानों पर तैनात पुलिस कर्मी, अर्द्धसैनिक
बल व सेना में तैनात लोग अवकाश लेकर वोट डालने आते हैं, अपने समर्थकों को
लेकर मतदान केंद्र पर बवाल खड़ा करते हैं। दो दिन पहले हसेरन विकास खंड के
चपुन्ना गांव से ऐसी शिकायत उन्हें मिली है।
इस तरह के मामले सामने आने पर
तत्काल ऐसे कर्मचारियों को हिरासत में ले लें। पुलिस अधिकारियों को निर्देश
दिए कि उन्हें अपनी दोगुनी क्षमता के साथ इस आखिरी चरण के चुनाव में जूझना
है। कलस्टर मोबाइल टीम अपने सेक्टर मजिस्ट्रेट व जोनल मजिस्ट्रेट के
मोबाइल नंबर नोट कर लें।
कहीं पर भी बूथ लूटने जैसी संभावना दिखाई पड़े तो
तत्काल हवाई फायरिंग कर अफसरों को सूचित करें। सभी सेक्टर व जोनल
मजिस्ट्रेट आज से ही मतदान खत्म होने तक क्षेत्रों में रहेंगे। उन्होंने
कहा कि नुनारी, रामपुर मझिला, बछज्जापुर, सुर्सी, खानपुर जैसी संवेदनशील
प्लस बूथों पर मतदान केंद्रों के ऊपर आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया जा
रहा है।
भारी मात्रा में पुलिस फोर्स उपलब्ध है। पुलिस की कमी को दूर करने
को आफिस के बाबुओं तक की ड्यूटी लगा दी है। इस दौरान एसडीएम तिर्वा, सीओ
तिर्वा, एआरटीओ, उमर्दा के निर्वाचन अधिकारी, बीडीओ उमर्दा, डीपीआरओ,
तहसीलदार तिर्वा आदि मौजूद थे।