मरीजों का चेकअप करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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जिला मुख्यालय के सहिल्लापुर गांव में मरीजों की पचास से बढ़कर 146 हो गई है। बुधवार को पहुंची डाक्टरों की टीम ने गांव में कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया। 86 बीमारों को पेट दर्द व बुखार की दवा दी। इसके साथ ही कई दिन से बुखार से पीड़ित 60 मरीजों की जांच कर स्लाइडें बनाई गईं हैं। रोगियों को डाक्टरों ने संक्रमण रोगों से बचने के उपाय भी बताए। सहिल्लापुर गांव में प्रधान समेत एक सैकड़ा से अधिक लोग बुखार व संक्रमण की चपेट में है।
ग्रामीणों की सूचना के बाद भी गांव में 72 घंटों के बाद भी स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची थी। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएमओ डा. पीएन बाजपेई ने बुधवार की सुबह ही स्वास्थ्य टीम को गांव में भेजा। विनोद दीक्षित चिकित्सा (सीएससी) चिकित्साधिक्षक डा. गीतम सिंंह, डा. महेश चंद्र शाक्य, स्वास्थ्य परिवेक्षक श्रीभगवान सिंह, प्रमिला, योगेंद्र कुमार, सुशील कुमार, विमला कटियार के साथ प्राथमिक विद्यालय में कैंप लगाकर गांव में सभी मरीजों का चेकअप कर दवा दी गई।
कैंप में चेकअप कराने आए 60 मरीजों की स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजी गई है। वहीं 86 मरीजों को मलेरिया, लूजमोशन, जिंक आदि की दवा दी गई। इस दौरान डाक्टरों ने लोगों को संक्रमण रोगों से बचाव के उपाय भी बताए गए। डाक्टरों ने मरीजों को बताया कि वह अपने घरों के सामने गंदा पानी न जमा होने दें।
खुले में शौच न करें। उन्होंने कहा कि यदि कि सी भी ग्रामीण को कोई भी परेशानी हो तो वह जिला अस्पताल आकर इलाज करा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में बनी पानी के टंकियों में डाले जाने वाले क्लोरिन की भी जांच की।