कन्नौज। पुलिस ने अपनी लिखा-पढ़ी में फिर से चूक कर दी। इसका नतीजा यह हुआ कि धर्मांतरण मामले में पकड़े गए चार आरोपियों को कोर्ट ने जेल न भेजकर रिहा करने का आदेश दे दिया। पुलिस को दांव उल्टा पड़ गया है जिसके चलते आरोपियों को एक बड़ी राहत मिली है। हालांकि प्रलोभन में आकर धर्म परिवर्तन करने वाले लोग अब घर वापसी की बात कह रहे हैं।
ठठिया थाना क्षेत्र के करसाह गांव में धर्मांतरण के मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस गांव के पन्नालाल, विद्यासागर व उमाशंकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कोर्ट में भेजा था। साथ ही इटावा जिले के नगला मिलक निवासी अजब सिंह को भी कोर्ट में पेश किया गया था। पुलिस ने रिमांड दाखिल किया, लेकिन अभिलेखों में त्रुटि होने पर कोर्ट ने चारों आरोपियों को रिहा करने का आदेश दे दिया है। रिमांड याचिका खारिज होने के बाद पुलिस के सामने अब कोई विकल्प नहीं बचा है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि रिमांड के लिए अदालत में जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, उनमें कुछ कमियां रह गई थीं। उन्होंने बताया कि पुलिस जल्द ही आवश्यक दस्तावेजों को दुरुस्त कर पुनः अदालत में अपील करेगी। मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय संगठनों की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होगी।