कर्ज माफी प्रमाणपत्र का वितरण करते विधायक कैलाश राजपूत, सुब्रत पाठक व डीएम जगदीश प्रसाद।
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तिर्वा। कस्बे के डीएन इंटर कालेज के मैदान में बुधवार को आयोजित समारोह में क्षेत्र के 2030 किसानों को कर्जमाफी के प्रमाणपत्र दिए गए। मुख्य अतिथि तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत, विशिष्ट अतिथि भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक, जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद, एडीएम डीपी सिंह, सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह, एएसपी केशवचंद्र गोस्वामी, एसडीएम शालिनी प्रभाकर, सीओ मोनिका यादव, तिर्वा ब्लाक प्रमुख अजय वर्मा, जिला महामंत्री आनंद भदौरिया, वीर सिंह भदौरिया ने तीस किसानों को मंच पर बुलाकर संयुक्त रुप से प्रमाणपत्र दिए।
कार्यक्रम के दौरान भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भेदभाव से रहित होकर पात्र किसानों को एक लाख तक के कर्ज माफ किए हैं। पारदर्शिता के साथ कर्जमाफी का पहली बार प्रमाणपत्र दिया जा रहा है। भाजपा विधायक कैलाश राजपूत ने कहा कि किसानों के एक लाख तक के कर्ज माफी की घोषणा विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरसहायगंज की जनसभा में की थी।
सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही कर्जमाफी का बजट पारित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में तिर्वा तहसील के दो हजार तीस किसानों को कर्जमाफी का प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। कार्यक्रम को तिर्वा ब्लाक प्रमुख अजय वर्मा, वीर सिंह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी डीपी सिंह, सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह, जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह, उप कृषि निदेशक राजेश कुमार ने भी संबोधित किया। इस दौरान दीनानाथ जनता इंटर कालेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया। आल्हा गायकों की टीम ने अपना प्रस्तुतीकरण दिया। ओडीएफ कार्यक्रम को लेकर बाहर से आए कलाकारों ने लघु नाटिकाएं प्रस्तुत कीं।
एक अप्रैल 2016 तक के कर्ज की हुई माफी
तिर्वा। कर्ज माफी प्रमाणपत्र वितरण के दौरान जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद ने दो दिन पहले कन्नौज में बांटे गए प्रमाण पत्रों के दौरान एक किसान के महज 315 रुपये कर्ज माफी के प्रमाण पत्र पर अपना स्पष्टीकरण दिया। कहा कि योजना के तहत एक अप्रैल 2016 तक किसान का जो भी कर्ज था उस कर्ज से अधिकतम एक लाख रुपये का ऋण माफ किया गया है। इस दौरान जिन लोगों ने कुछ किश्तों की अदायगी की है, वह माफ नहीं किया गया। कहा कि उक्त किसान पर 63 हजार रुपये का एक अप्रैल 2016 तक का कर्जा बकाया था। दो अप्रैल को उक्त किसान ने 63 हजार रुपये अपने खाते में अदायगी के तौर पर जमा कर दिए थे। इस वजह से उसका ब्याज जो 315 रुपया शेष था वही माफ किया गया है।