लक्ष्य के सापेक्ष बिजली विभाग राजस्व वसूली करने में
नाकाम साबित हुआ है। इससेे अफसरों की नींद हराम हो गई है। खफा अफसरों ने
सभी एसडीओ को निर्देश दिए कि वे बकाएदारों को नोटिस भेजने की तैयारी शुरू
कर दें। डाक से नोटिस उपभोक्ता तक पहुंचाई जाएगी।
एक्सईएन पी. राम ने
बताया कि प्रतिमाह 13 करोड़ रुपये शासन ने राजस्व जमा करने के निर्देश दिए
हैं। इसके सापेक्ष मात्र नौ करोड़ की ही वसूली हो पा रही है। वर्ष 14 में
46 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होती थी, जो बढ़कर 66 मिलियन यूनिट तक पहुंच
गई है। फिर भी वसूली का प्रतिशत नहीं बढ़ा।
इसे लेकर उन्होंने 10 हजार
रुपये तक के बकाएदारों के कनेक्शन अभियान चलाकर काटने के आदेश दिए हैं। साथ
ही बकाएदारों को नोटिस भेजने की कार्रवाई भी शुरू कराई है। एसडीओ वीरभद्र
सिंह ने बताया कि करीब 200 उपभोक्ताओं की नोटिस तैयार कर ली गई हैं।
पांच
दिनों के अंदर सभी के पास नोटिस पहुंच जाएंगी। बताया कि जिन उपभोक्ताओं के
बिलों में त्रुटियां हैं, वे 15 सितंबर तक दुरुस्त करा लें। इसके बाद उनके
कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इसी तरह अवैध रूप से बिजली चोरी करने वालों पर भी
विभाग शिकंजा कसने जा रहा है। डोर-डू डोर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
जो
उपभोक्ता मीटर से बाईपास कर या अलग से केबिल डालकर बिजली चोरी करते मिलेगा,
उस पर कार्रवाई की जाएगी। बकाया में जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए
जाएंगे, यदि उनका कनेक्शन दोबारा जुड़े मिले तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।