जलालाबाद। विकास खंड कार्यालय में गुरुवार को ग्राम विकास अधिकारियों की विकास कार्यों के लिए चल रही समीक्षा बैठक में फटकार सुनते ही ग्राम विकास अधिकारी की हालत बिगड़ गई। तत्काल उन्हें सीएचसी भर्ती किया गया। स्वास्थ्य ठीक होने पर उनकी छुट्टी कर दी गई। साथ ही उनको तीन दिन का अवकाश दिया गया है।
सभी ग्राम विकास अधिकारियों को खंड विकास कार्यालय पर बुलाया गया था। गांव में साफ सफाई को लेकर अधिकारी समीक्षा कर रहे थे, तभी खंड विकास अधिकारी मनोज पोरवाल ने ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका सिंह पर विकास कार्य में लापरवाही का आरोप लगाकर नाराजगी व्यक्त की। इस पर ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका सिंह का ब्लड प्रेशर लो हो गया। हालत खराब होते ही ग्राम विकास अधिकारी विनीत कुमार, प्रमोद यादव, पिंकी चक्रवर्ती, सिद्धार्थ राजपूत, सरमेंद्र, सुधीर ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाॅ. मनोज कुमार व डाॅ. पूनम ने उनका इलाज किया। इलाज के दो घंटे बाद आराम मिलने पर सीएचसी से छुट्टी कर दी गई।
डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि ज्यादा सोचने से धड़कन बढ़ जाती और घबराहट होने लगती है। ग्राम विकास अधिकारियों ने बताया कि सुबह सात बजे क्षेत्र में निकलना होता है। शाम सात बजे के बाद फ्री हो पाते हैं। न समय से खाना मिलता है, न पानी। खंड विकास अधिकारी मनोज पोरवाल ने बताया कि बैठक चल रही थी। दिक्कत होने पर ग्राम विकास अधिकारी को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। अब स्वास्थ्य ठीक है।
एडीओ पंचायत लक्ष्मी राज यादव ने आराम करने के लिए तीन दिन का अवकाश देने की बात कही है। ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि उन्हें अधिक वर्क लोड की वजह से बीपी लो की समस्या आ गई थी। बीडीओ मनोज पोरवाल ने बताया कि बैठक के दौरान उन्हें बीपी लो की समस्या हो गई थी।