कस्बे के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में वसंत पंचमी
पर मातृ सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सरस्वती वंदना, स्वागत
गीत, नृत्य गीत, लोकगीत, डांडिया नृत्य, कव्वाली, एकांकी नाटक का आयोजन
हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पूजा चतुर्वेदी व सरिता त्रिपाठी ने दीप जलाकर
किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुमन सिंह चौहान ने की और कहा कि जननी
शिशु की प्रथम आचार्या है। मां को अपने बच्चे का पालन पोषण गर्भावस्था से
ही शुरू कर देना चाहिए। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता दोहरे ने कहा कि
संतान को अच्छा बनाने में माता का रोल सबसे अहम है।
पूजा चतुर्वेदी ने कहा
कि मां ही बच्चे को सही रास्ता दिखाती है, इसलिए बेटियों की शिक्षा पर
विशेष जोर देना चाहिए। छवि, नित्या, अंतिमा ने मेरो श्याम बड़ो अलबेला,
तनिष्का, तान्या, छवि ने मेरा देश रंगीला, गर्विता मिश्रा, पायल ने बंशी
बजाके श्याम ने, प्रिया अंजली ने हमरो गुलाबी दुपट्टा, मानसी अनुपम, नीतिका
ने नैनन में श्याम समाए गयो रे गीत सुना वाहवाही बटोरी। छात्र अखिलेश,
आयुष, मोनू, हर्षित ने विश्वामित्र की याचना का नाटक प्रस्तुत किया।
मानसी,
दामिनी, सौम्या, प्रज्ञा, अनुपम ने होली गीत पर नृत्य पेश कर वाहवाही
लूटी। शिवा अवस्थी ने गीत गाकर समां बांधा। पायल, निति, साधना ने भी गीत
सुनाए। इस मौके पर गिरजेश पाठक, प्रधानाचार्य प्रताप नरायन मिश्रा, दिनेश
सिंह चौहान, उमेश सिंह, अरविंद सिंह, प्रियंका चौरसिया, अंजू यादव, प्रशांत पाठक आदि मौजूद
थेे।
उधर, कन्हैयालाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में पतंगबाजी कर
वसंत पंचमी उत्सव मनाया गया। इस दौरान आयोजित यज्ञ में छात्रों ने आहुतियां
डालकर सरस्वती का आह्वान किया। आचार्य संजीव गुप्त, बृजकिशोर त्रिपाठी,
रणवीर सिंह चौहान ने वसंत पंचमी पर्व की जानकारी दी।
आचार्य धर्मेंद्र नाथ
मिश्र ने बताया कि आज के दिन हिंदी साहित्य के प्रखर विद्वान सूर्यकांत
त्रिपाठी निराला का जन्म दिवस भी मनाया जाता है। कार्यक्रम के बाद
छात्रों ने पतंगबाजी का आनंद उठाया। कन्नौज पब्लिक स्कूल में वसंत पंचमी
हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
स्कूल प्रबंधक प्रदीप तिवारी और प्रधानाचार्य
अमरेंद्र सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन किया। इस मौके पर सुंदर
कांड पाठ भी किया गया। स्कूली छात्रों ने मां सरस्वती को पुष्पांजलि और
आहुति दी। इस मौके पर स्कूल उपाध्यक्ष रजत तिवारी, दीपक निगम, स्वाती दुबे,
अवधेश दुबे आदि मौजूद थे।