कन्नौज। शीतगृहों में अभी आधे से ज्यादा आलू भरा है लेकिन बाजार में अच्छे दाम मिलने से निकासी भी तेज हो गई है। खाने वाले आलू के साथ आलू बीज के दाम भी दोगुने से अधिक हो गए हैं। इससे नए किसानों के लिए आलू की बुवाई करना और छोटे किसानों के लिए रकबा बढ़ाना मुश्किल हो गया है। कुछ दिन पहले तक आलू की बुवाई की सोच रहे छोटे किसानों ने अब दूसरी फसल की तैयारी शुरू का दी है।
जिले के 135 कोल्ड स्टोरेज की क्षमता 1387372.93 मीट्रिक टन है। जिसमें से 937437.23 मीट्रिक टन आलू पिछले वर्ष भंडारित किया गया। अभी तक 417159.57 (44.5 प्रतिशत) मीट्रिक टन ही आलू की निकासी हुई है। अभी 520277.66 मीट्रिक टन आलू शीतगृहों में है। बाजार में अच्छे दाम होने और अगैती आलू की बुवाई शुरू होने से प्रतिदिन 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक आलू की निकासी हो रही है। बीज के दाम भी पिछले वर्ष की अपेक्षा दोगुने हो गए हैं। जुताई के साथ सिंचाई और कीटनाशक के दाम भी पिछले साल की अपेक्षा बढ़ गए हैं।
बुवाई में लगा रहा ज्यादातर आलू
जिला उद्यान अधिकारी मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि अगैती आलू की बुवाई शुरू हो गई है। सितंबर अंतिम और अक्तूबर प्रथम सप्ताह तक बुवाई की जाएगी। शीतगृह से निकलने वाला ज्यादातर बीच बुवाई में जा रहा है। अभी आलू बुवाई का लक्ष्य नहीं मिला है लेकिन 48 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में बुवाई होने का अनुमान है। उद्यान अधिकारी ने बताया कि जिले से मुंबई, गुजरात, दिल्ली, झांसी, इलाहाबाद को भी आलू भेजा जा रहा है।