शादी समारोह में शामिल होने के लिए आए प्रदेश के
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने के लिए सपाई बेकाबू हो उठे। शादी
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोबारा हैलीपैड पर आते समय सीएम के काफिले
को पांच सौ मीटर की दूरी तय करने के लिए करीब आधे घंटे का समय लग गया।
रोडवेज
वर्कशाप से समारोह स्थल तक सपाइयों ने उनके काफिले को जगह-जगह रोका। इस
दौरान मुख्यमंत्री ने भी कार्यकर्ताओं को निराश नहीं किया और सभी को अपने
पास बुलाकर मिले और उनसे गुफ्तगू की। ज्ञात हो कि शादी समारोह में शामिल
होने के लिए मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर रोडवेज वर्कशाप पर करीब 1:40 पर
उतरा।
इस दौरान जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, डीआईजी नीलाब्जा चौधरी, एसपी
दिनेश कुमार पी ने उनको गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान उन्हें
गार्ड आफ आनर दिया गया। इसके बाद सीएम का काफिला शादी समारोह में पहुंचा।
इस दौरान माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल, एमएलसी रामवृक्ष
यादव, विधायक छिबरामऊ अरविंद यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव
अन्य लोगों से मुलाकात कर
जिले के विकास कार्यों और संगठन की जानकारी ली।
इस दौरान सीएम ने
पार्टी नेताओं से ब्लाक प्रमुख चुनाव के हालातों को भी जाना। इसके बाद वह
समारोह से वापस वर्कशाप आने के लिए काफिले के साथ निकले। इस दौरान रोड के
दोनों साइडों पर उनसे मिलने के इंतजार में खड़े सपा कार्यकर्ताओं ने
जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
रास्ते में सयुस के प्रदेश उपाध्यक्ष
नाजिम खां, हशीब हसन, पंकज यादव समेत कई सपाइयों ने उनका स्वागत किया। इस
दौरान कई सपाई सीएम से मिलने के लिए जब बेकाबू हुए तो पुलिसकर्मियों ने कई
को पहले लाठी पटककर हटाने की कोशिश की, पर न मानने पर उनको जबरदस्ती हटाया
गया।
वर्कशाप के मुख्य गेट के पास जीटी रोड पर सीएम कार से उतरकर बाहर
निकले तो उनसे मिलने के लिए एक युवक पुलिस के रस्से को पार कर आगे बढ़ा। इस
दौरान सिपाहियों, दरोगा और सीओ ने रोका तो उनसे भिड़ गया। खींचतान के बीच
उसकी शर्ट फट गई। इससे अफरातफरी मच गई।
यह देखकर मुख्यमंत्री अखिलेश
यादव ने हाथ से इशारा कर उसे आने देने को कहा। इसके बाद वह सीएम के पास
जाकर मिला। पुलिस को कड़े रुख को देखते हुए सीएम ने बाद में इशारे में ढील
देने के निर्देश दिए।