प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों में जल्द ही
चिकित्सा शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी। महीने भर में मंत्रिमंडल की बैठक
में प्रस्ताव लाकर शिक्षकों के वेतन, भत्तों के अलावा संविदा चिकित्सकों को
स्थायी करने सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। कन्नौज मेडिकल कालेज
में अगस्त तक एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
प्रमुख
सचिव अनीता सिंह हेलीकाप्टर से करीब दोपहर दो बजे मेडिकल कालेज पहुंची।
उनके साथ चिकित्सा शिक्षा के महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी, चिकित्सा शिक्षा
विशेष सचिव अरविंदम भट्टाचार्य भी आए।
डीएम अनुज कुमार झा, पुलिस
अधीक्षक कलानिधि नैथानी, एडीएम रमेश चंद्र यादव, सीएमओ डा.पीएन बाजपेयी व
मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. संदीप कौशिक ने बुके भेंटकर
हेलीपैड पर स्वागत किया। इसके बाद काफिला प्रशासनिक भवन स्थित प्राचार्य
कार्यालय पहुंचा।
सबसे पहले जिले के अफसरों के साथ मंत्रणा की, फिर
मेडिकल कालेज के सभी डाक्टरों को बुलाकर बैठक ली और उनसे समस्याएं जानी।
राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक बीआर सिंह को बुलाकर मेडिकल कालेज
कैंपस में चल रहे पैरा मेडिकल कालेज, हृदय रोग संस्थान और कैंसर अस्पताल
के निर्माण की प्रगति जानी। करीब तीन घंटे तक डाक्टरों से कई मुद्दों पर
चर्चा की।
मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी राजकीय मेडिकल कालेजों
में फैकल्टी टीचरों की कमी है। एम्स दिल्ली, केजीएमसी लखनऊ और सैफई पीजी
कालेज में फैकल्टी टीचरों के वेतन और सुविधाएं बेहतर हैं, पर राजकीय मेडिकल
कालेजों में काम करने वाले डाक्टरों को वेतन कम मिलता है।
इसके लिए
अगले माह ही कैबिनेट की बैठक हो रही है। सीएम ने उन्हें मेडिकल कालेजों
में विजिट कर डाक्टरों की समस्याओं की जानकारी के लिए भेजा है। जल्द ही
प्रपोजल बनाकर सीएम को सौंपेगी। महानिदेशक डा.वीएन त्रिपाठी ने कहा कि 375
चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है।
कन्नौज
मेडिकल कालेज में अति आधुनिक एमआरआई व सीटी स्कैन मशीन की खरीद के लिए
टेंडर जारी कर दिए गए हैं। अगस्त तक दोनों मशीनें मेडिकल कालेज में लग
जाएंगी। इसके बाद प्रमुख सचिव ने मेडिकल कालेज के आडीटोरियम सहित शैक्षणिक
भवन व अन्य कई भवनों को देखा।