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Kannauj News: पिता से 10 साल छोटा बेटा, बाबा से 30 साल छोटा नाती

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कन्नौज। इत्रनगरी में मतदाता सूची में गंभीर विसंगतियों ने चुनाव आयोग के अधिकारियों को चौंका दिया है। विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान तीनों विधानसभा क्षेत्रों छिबरामऊ, तिर्वा और कन्नौज सदर में 1.61 लाख से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां रिश्तों और उम्र का गणित पूरी तरह गड़बड़ा गया है। कहीं बेटा पिता से 10 साल छोटा दर्ज है, तो कहीं दादा और पोते की उम्र में फासला इतना कम है कि कुदरत के नियम भी फेल हो जाएं।
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चुनाव आयोग ने इन तार्किक विसंगतियों को पांच मुख्य श्रेणियों में बांटा है। सबसे बड़ी विसंगति उन मामलों में है जहां पिता के नाम में अंतर पाया गया है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची और 2025 की प्रस्तावित सूची के बीच पिता के नामों में भिन्नता के 1,09,566 मामले मिले हैं। इसके अतिरिक्त, परिवार के सदस्यों के नाम में विसंगति के 20,803 मामले हैं। एक ही पिता के साथ छह सदस्यों के नाम बिना स्पष्ट संबंध के जोड़े गए हैं। आयु संबंधी विसंगतियों में, मतदाता और पिता की आयु में 15 वर्ष से कम अंतर के 27,552 मामले, पिता-पुत्र की आयु में 50 वर्ष से अधिक अंतर के 14,860 मामले, और दादा-दादी से मतदाता की आयु में 40 वर्ष से कम अंतर के 8,033 मामले सामने आए हैं।

इन गंभीर विसंगतियों को दूर करने के उद्देश्य से, 1.61 लाख से अधिक मतदाताओं को श्रेणीवार नोटिस जारी किए गए हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कटियार के अनुसार, इन मतदाताओं को अपनी पहचान और सूची में दर्ज जानकारी की सत्यता को साबित करने के लिए आगे आना होगा। यह कदम चुनावों में किसी भी प्रकार की धांधली या गड़बड़ी की संभावना को समाप्त करने के लिए उठाया गया है।
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डिजिटल प्रक्रिया से होगा सत्यापन
विसंगतियों को दूर करने के लिए एक विस्तृत प्रक्रिया अपनाई जा रही है। बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) संबंधित मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से नोटिस देंगे। सत्यापन के लिए मतदाताओं को फोटो, आधार कार्ड या पैन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को प्रस्तुत करने होंगे। इन दस्तावेजों को बीएलओ द्वारा विकसित किए गए मोबाइल एप्लिकेशन पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) इन दस्तावेजों की समीक्षा करेंगे और सब कुछ सही पाए जाने पर विसंगतियों को अनुमोदित कर देंगे, जिससे मतदाता सूची अद्यतन हो जाएगी। यह डिजिटल प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दादा-दादी से मतदाता की आयु में अंतर
इस श्रेणी में वे मामले आते हैं जहां मतदाता की आयु उसके दादा-दादी या नाना-नानी की अनुमानित आयु से 40 वर्ष से भी कम है। यह भी आयु संबंधी एक गंभीर विसंगति को दर्शाता है। जिले में ऐसे 8033 मामले प्रकाश में आए हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है।
वर्जन
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित तार्किक विसंगतियों को दूर करने के लिए 1.61 लाख मतदाताओं को चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए हैं। बीएलओ घर-घर जाकर नोटिस रिसीव कराएंगे और मौके पर ही भौतिक सत्यापन कर इसे बीएलओ एप पर दर्ज करेंगे, जिसे ईआरओ अनुमोदित करेंगे।
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-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिला निर्वाचन अधिकारी
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