राजकीय महिला डिग्री कालेज बांगर में आपसी खींचतान के
चलते महाविद्यालय में अध्ययनरत करीब 800 छात्राओं का भविष्य चौपट हो रहा
है। महाविद्यालय की होम साइंस प्रयोगशाला में कई महीनों से ताला जड़ा हुआ
है, जिससे छात्राओं का प्रयोगात्मक कार्य भी बाधित है।
बीए प्रथम, द्वितीय,
तृतीय वर्ष की छात्राओं की नियमित रूप से कक्षाएं भी नहीं लग रही हैं।
कक्षाओं के न लगने से उनका कोर्स भी पिछड़ रहा है। उधर, विश्वविद्यालय
की परीक्षाएं काफी नजदीक है। महाविद्यालय का आलम यह है कि सुबह सवा 11 बजे
तक प्राचार्य कक्ष का ताला नहीं खुलता है।
छात्राएं कामन रूम में बैठकर
टीचरों के आने का इंतजार करती है। नहीं आने पर गपशप लड़ाकर घरों को वापस
लौट जाती हैं। ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय पर एकमात्र राजकीय महिला डिग्री
कालेज है। इस महाविद्यालय में बीए फैकल्टी में करीब 800 छात्राएं अध्ययनरत
है। इसमें पढ़ने वाले अधिकतर छात्राएं ग्रामीण क्षेत्र की हैं।
इस
महाविद्यालय के खुलने के बाद लोगों की काफी आशाएं जुड़ी थी कि छात्राओं की
पढ़ाई के लिए अच्छा प्लेटफार्म मिला है, पर महाविद्यालय में टीचरों के मध्य
चल रही आपसी खींचतान से अध्ययनरत छात्राओं का भविष्य चौपट हो रहा है। महाविद्यालय
में पढ़ाई के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है।
प्राचार्य कक्ष के बगल में
स्थित एक रूम में जमीन पर बैठीं छात्राओं ने बताया कि होम साइंस की
प्रयोगशाला में कई महीनों से ताला लटका हुआ है। उधर, राजकीय महिला डिग्री
कालेज में बीए में एजूकेशन और अंग्रेजी विषय तो दे दिया जाता है, पर इन
विषयों को पढ़ाने के लिए महाविद्यालय में कोई भी टीचर नियुक्त नहीं है।
विगत कई वर्षों से इस महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं इन विषयों की
तैयारी घर पर स्वयं करें अथवा कोचिंग लगाकर किसी टीचर का सहयोग लें, तभी वह
पेपर दे सकती हैं। हालांकि, महाविद्यालय की मानें तो इन विषयों के लिए
तमाम बार लिखा-पढ़ी की जा चुकी है, पर इन विषयों के लिए किसी की नियुक्ति
नहीं हो रही है।