डीएन कालेज में उमर्दा विकास खंड की चल रही मतगणना के
दौरान जिला पंचायत की वार्ड 23 के तीन उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि न्याय
पंचायत खामा की टेबल पर काम कर रहे मतगणना कर्मी धांधली बरत रहे हैं।
उमर्दा के बीडीओ पहुंचे और वहां काम कर रहे छह मतगणना कर्मियों को ड्यूटी
से हटा उनके स्थान पर नए कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी।
बाद में
उम्मीदवारों ने रिटर्निंग अफसर को पत्र देकर इन कर्मियों के खिलाफ एफआईआर
दर्ज कराने की मांग की। दोपहर दो बजे के करीब जिला पंचायत की वार्ड 23
के प्रत्याशी श्याम सिंह यादव, हुकुम सिंह यादव व सुधीर यादव ने एसडीएम
तिर्वा से शिकायत की कि खामा न्याय पंचायत की टेबल पर मतगणना के दौरान
धांधली की जा रही है।
हुकुम का आरोप था कि उनके 89 वोट दूसरे प्रत्याशी की
गड्डी में शामिल कर लिए गए। इसी तरह से सुधीर यादव का आरोप था कि निरस्त
वोट भी एक विशेष प्रत्याशी में शामिल किए जा रहे हैं। श्याम सिंह यादव ने
भी यही आरोप जड़ा। इस पर एसडीएम ने बीडीओ उमर्दा रामउदरेज यादव को मतगणना
टेबल पर भेजा।
बीडीओ ने बताया कि इस टेबल पर मतगणना कर्मी जनवेश सिंह,
धर्मराज सिंह सहित अन्य चार को हटा दिया गया है। सभी छह कर्मचारियों के
खिलाफ आरोपों की जांच चल रही है। शिकायत सही पाने पर एफआईआर दर्ज कराई
जाएगी। उधर, मतगणना में सबसे अधिक गहमागहमी जिला पंचायत के काउंटिंग को
लेकर रही।
यहां वार्ड 23 से 27 तक की मतगणना चल रही है। सुबह से ही
प्रत्याशी व उनके एजेंट मतगणना टेबलों के सामने जम गए। वार्ड 24 पर भाजपा
समर्थित रामबाबू वर्मा, निर्दलीय शिवेंद्र सिंह चौहान व बसपा प्रत्याशी
सुदीप पटेल के बीच त्रिकोणात्मक संघर्ष चल रहा है।
वार्ड 23 पर बसपा
प्रत्याशी मो. हनीफ ठेकेदार, सपा समर्थित प्रत्याशी श्याम सिंह यादव, भाजपा
के राधेश्याम राजपूत व निर्दलीय हुकुम सिंह यादव के मध्य संघर्ष चल रहा
है। वार्ड 25 में भाजपा के नरेंद्र सिंह राजपूत व निर्दलीय संतोष सिंह
यादव के मध्य मुकाबला दिखा।
वार्ड 26 में निर्दलीय सुरजीत यादव अन्य सभी
प्रत्याशियों को काफी पीछे छोड़े हैं। वार्ड 27 में भाजपा प्रत्याशी
महेश शास्त्री व बसपा प्रत्याशी जामिल सिद्दीकी के मध्य कड़ी टक्कर दिखी।
खबर लिखे जाने तक महज दस राउंड की गणना हुई थी। जिला पंचायत की गणना 36
चक्रो में होनी है।