कन्नौज। सदिकापुर गांव का शनिवार को निरीक्षण करने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शेखाना नाले को चकरोड से होते हुए अड़ंगापुर नाले से जोड़ा जाए। साथ ही इसका प्रस्ताव बनाकर जल्द भेजा जाए। अब गांव वालों को उम्मीद जगी है कि उनकी 20 साल की समस्या का समाधान हो जाएगा।
बता दें कि सदिकापुर गांव में 20 वर्षों से शेखाना नाले का गंदा पानी 250 बीघा कृषि भूमि में भरा हुआ है। इसमें जलकुंभी भी फैल गई है। कुछ माह से नाले के पानी का बहाव तेज होने के कारण घरों व स्कूल के बाहर भी गंदा पानी भर गया है। पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर कई फीट पानी भरा है, जिससे आवागमन अवरुद्ध हो गया है। अमर उजाला एक पखवाड़े से इस समस्या को उजागर कर रहा है।
इसी का संज्ञान में लेकर शनिवार को समाज कल्याण राज्यमंत्री गांव पहुंच थे। गांव का निरीक्षण करने के बाद मंत्री ने सीवरेज प्लांट के अधिकारियों को फटकार लगाई। इस पर अफसरों ने एक सप्ताह में 50 मीटर चोक हो चुकी सीवर लाइन को जेटिंग मशीन से खोलने का वादा किया, लेकिन मंत्री को उनका प्रस्ताव सही नहीं लगा। उन्होंने नाले को अड़ंगापुर नाले से जोड़ने का निर्देश दिया।
वहीं, इस दौरान सदर विधायक व राज्य मंत्री असीम अरुण ने जल निगम के एमडी सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान छह वर्ष पहले बने सीवरेज प्लांट के अभी तक नगर पालिका को हैंडओवर नहीं होने और 86 करोड़ रुपये ठेकेदार को भुगतान करने का मामला भी सामने आया। मंत्री ने जल निगम के एमडी राजशेखर को उच्च स्तरीय जांच कराने के आदेश दिए हैं।
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पानी में चलकर सदिकापुर गांव पहुंचे मंत्री
मंत्री पुलिस लाइन मार्ग से नाले के पानी से गुजरते हुए सदिकापुर गांव तक पहुुंचे। उन्होंने गांव के लोगों व प्रधान विकास बाबू कनौजिया से प्रकरण व समस्या के बारे में जानकारी ली। मौके पर मौजूद कानपुर से आए सीवरेज प्लांट के अधिकारी मोहित चक को फटकार लगाई। मंत्री ने कहा कि 89 करोड़ के सीवरेज प्लांट को चालू करने के बजट में ठेकेदार को 86 करोड़ का भुगतान कर दिया गया, लेकिन प्लांट नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया गया है। नगर पालिका चेयरमैन पति हाजी रईस ने बताया कि गांव से लेकर शहर में सीवरेज प्लांट का काम सही से नहीं किया गया है। इस कारण सीवरेज प्लांट को हैंडओवर नहीं किया गया है। मंत्री ने पुलिस लाइन मार्ग का निरीक्षण कर गांव की दुर्दशा देखी।
प्रधानाध्यापक ने भी रोया मंत्री से दुखड़ा
मंत्री ने प्राथमिक स्कूल जाकर प्रधानाध्यापक स्वप्निल गंगवार से समस्या पूछी। प्रधानाध्यापक ने बताया कि गंदे नाले का पानी भरने से बच्चों की संख्या घट गई है। विभाग संख्या पर जोर दे रहा है। स्कूली की चहारदीवारी टूटी है, ऐसे में नाले के पानी में गिरने से कोई बच्चा हादसे का शिकार हो सकता है। मंत्री ने अड़ंगापुर नाला व शहर में सीवरेज प्लांट को लेकर कराए जा चुके काम की समीक्षा की।
नक्शा देखकर, गूगल मैप से देखी नाले की स्थिति
मंत्री असीम अरुण ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्या पूछी और निराकरण कराने का भरोसा दिया। सीवरेज प्लांट के अधिकारियों ने मंत्री को नक्शा दिखाया, लेकिन मंत्री संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने गूगल मैप से गांव व नाले का नक्शा देखकर कार्रवाई करने का भरोसा दिया।