कन्नौज। नये साल की यह पहली बारिश थी। जिले में शनिवार को सात मिमी बारिश दर्ज की गई जाे सर्दी के मौसम में पिछले आठ साल में सबसे अधिक बारिश है। अचानक बारिश और ओलावृष्टि से आलू की फसल में नुकसान हुआ है तो गेहूं को संजीवनी मिल गई। इसके साथ ही सरसों की फसल में भी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने 28 जनवरी तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
जिले के आलू, गेहूं और सरसों की खेती करने वाले किसान इस बारिश से बेहद परेशान हैं। किसानों का कहना है कि तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश गेहूं की फसल के लिए तो आंशिक रूप से ठीक है, लेकिन आलू और सरसों के लिए यह किसी आपदा से कम नहीं है। खेतों में पानी भरने से आलू के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, तेज हवाओं के कारण सरसों की तैयार फसल के खेतों में बिछने की आशंका है। बारिश के साथ चल रही बर्फीली हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बाजारों में सन्नाटा और सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वह खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें ताकि फसलों को कम से कम नुकसान हो।
झुलसा और परपरा की मार के बाद अब बारिश की चोट
तालग्राम। आलू पहले से ही झुलसा और परपरा के प्रकोप से जूझ रहा है। वहीं, मौसम की मार ने आलू को और भी जमीन पर ला दिया है। किसान वीरेंद्र, महेंद्र सिंह, संजय, प्रदीप सहित अन्य किसानों ने बताया कि क्षेत्र में हल्की बारिश हुई है। इससे रबी फसलों विशेषकर गेहूं, जौ के लिए वरदान साबित हो गई। पर्याप्त नमी मिलने से इन फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादकता में इजाफा संभव है, लेकिन सरसों चना, मटर और आलू की फसल को नुकसान हुआ है। सरसों फूल पर पानी गिरने से झड़ने का जोखिम बढ़ जाता है। आलू की फसल में रोग लगने की आशंका रहती है। कृषि तकनीकी सहायक प्रबंधक शिवपाल सिंह ने बताया कि बारिश या नमी बढ़ने की स्थिति में किसान आलू की फसल में मैंकोजेब व कार्बेंडाजिम का छिड़काव अवश्य करें, ताकि फफूंदजनित रोगों से बचाव हो सके।
वर्जन
जिले में सात मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सर्दियों की मौसम में अधिक है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी कम नहीं हुआ है और 28 जनवरी तक जिले में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और तापमान पांच डिग्री तक कम हो सकता है।
-डॉ. अमरेंद्र कुमार, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र