कन्नौज। माध्यमिक स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को अब किताबी ज्ञान के साथ-साथ हुनरमंद भी बनाया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत जिले के 10 और माध्यमिक स्कूलों में नियमित शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक कोर्सों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के लिए स्वरोजगार के रास्ते खोलना है। इससे पूर्व पांच स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिले में 19 राजकीय माध्यमिक और 59 एडेड स्कूल संचालित हो रहे हैं। अब तक जिले के केवल पांच माध्यमिक स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा था। अब 10 और स्कूलों को इससे जोड़ा जाएगा, जिसमें पांच राजकीय और 10 एडेड स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में विभिन्न ट्रेडों का चयन किया गया है, जिसमें छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इससे छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
डीआईओएस ने बताया कि एक जुलाई से शिक्षण शुरू होने के साथ ही प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से प्रशिक्षुकों की नियुक्ति की जाती है। कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण में लगने वाली सामग्री भी परिषद की ओर से खरीदी जाती है।
इन स्कूलों में दिया जाएगा प्रशिक्षण
बिरौली स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल स्कूल, गंगधरापुर स्थित राजकीय अभिनव विद्यालय, समधन स्थित राजकीय इंटर कॉलेज, उमर्दा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज, गुगरापुर स्थित राजकीय हाईस्कूल, छिबरामऊ स्थित रमाबाई राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, सौरिख स्थित हीरालाल बीएन इंटर कॉलेज, ऋषि भूमि इंटर कॉलेज, कचाटीपुर स्थित सरदार पटेल इंटर कॉलेज, सिकंदरपुर स्थित भारतीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, छिबरामऊ स्थित जेडी जनता इंटर कॉलेज, खड़िनी स्थित विश्वनाथ सिंह जनता इंटर कॉलेज समेत 15 स्कूलों के छात्रों को प्रशिक्षण मिलेगा।
इन ट्रेडों पर दिया जाएगा प्रशिक्षण
रिटेलर स्टोर ऑपरेशन असिस्टेंट, डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, टूरिज्म एंड हॉस्पिटलिटी, प्लंबिंग, रिटेल आदि शामिल हैं।
वर्जन
नई शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री दिलाना नहीं बल्कि उन्हें स्वावलंबी बनाना है। 15 स्कूलों में व्यावसायिक कोर्स शुरू होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को तकनीकी ज्ञान मिलेगा।
-पप्पू सरोज, डीआईओएस