कस्बे की अवैध गिट्टी-मौरंग मंडी पर सोमवार की सुबह फिर से जिला प्रशासन के अफसरों ने छापा मारा। तिर्वा-बेला मार्ग पर गिट्टी-मौरंग से लदे 15 ट्रकों को कोतवाली लाकर सीज किया गया। गिट्टी-मौरंग व्यापार से जुडे़ कई व्यापारियों तथा खनन व रंगदारी करने वाले लोगों ने कोतवाली व तहसील पहुंच कर अफसरों को सुविधा शुल्क की पेशकश की। एसडीएम ने उन्हें अपने चैंबर से खदेड़ दिया।
जिलाधिकारी जगदीश चंद्र त्रिपाठी के निर्देश पर सोमवार की सुबह आठ बजे के करीब एसडीएम राजेश कुमार यादव, एआरटीओ राहुल कुमार श्रीवास्तव, तिर्वा कोतवाली आमोद कुमार सिंह, खनन निरीक्षक व व्यापार कर विभाग से जुड़े अफसरों की टीम जा पहुंची। कारोबार से जुड़े लोगों को यह उम्मीद नहीं थी कि दूसरे दिन भी कोई कार्रवाई हो सकती है। कुछ ट्रक चालकों ने भागने का प्रयास किया पर पुलिस की टीम ने उन्हें घेर लिया। एसडीएम ने 15 ट्रकों को पकड़ कर पुलिस से कोतवाली लाने को कहा।
इस व्यवसाय से जुड़े कुछ लोग सिफारिश में कोतवाली पहुंच गए। इस पर एसडीएम व एआरटीओ कोतवाली से बाहर निकल आए। दोनों अधिकारी तहसील पहुंचे। एसडीएम के चैंबर में भी कुछ देर बाद सिफारिश करने लोग पहुंचे तो एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्हें आफिस से बाहर जाने का हुक्म सुना दिया। चेतावनी दी कि इस अवैध को कारोबार बंद न किया तो परिणाम भुगतने होंगे।