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स्कूलों की लापरवाही से लटका वजीफा

Fri, 02 Jan 2015 11:33 PM IST
अमर उजाला, ब्यूरो, कन्नौज
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छात्रवृत्ति वितरण की आन-लाइन प्रक्रिया शुरू हो जाने से अधिकतर विद्यालय इसके क्रियान्वयन में कोई रुचि ही नहीं दिखा रहे हैं। नतीजा जिले में हजारों विद्यार्थी इस बार दशमोत्तर की छात्रवृत्ति से महरूम हो गए हैं।
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जांच प्रक्रिया शुरू होने पर विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य एक-दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। पिछड़ा वर्ग विभाग ने 31 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाबा मांगा है।

ख्वाजा गरीब नवाज बालिका हायर सेकेंड्री बछज्जापुर में पिछले वर्ष कक्षा 9 की 97 छात्राओं का छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया गया था। इस बार विद्यालय ने उनका आवेदन नहीं किया। इस तरह लोक भारती विद्या मंदिर में 62, फूलमती किरन देवी इंटर कालेज पनगवां में 144, नेकराम हायर सेकेंड्री निनौली में 42, वीरांगन अवंतीबाई विद्यालय उमर्दा 96, बेलबाबा आदर्श जनता इंटर कालेज गैसिंहपुर 147, गुरुबख्स सिंह हायर सेकेंड्री नगला आम 32, कल्यान सिंह बालिका हायर सेकेंड्री बंजरहार 67, कमला देवी हायर सेकेंड्री रजलामऊ सरायप्रयाग 86 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए विद्यालयों ने आवेदन नहीं किया।
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इस बार इन विद्यालयों का आन-लाइन डाटा शून्य हैं। इसी तरह जौहरी सिंह दिलावरपुर सौरिख, स्वामीश्री सतानंद शिक्षा निकेतन छिबरामऊ, सुखराम सिंह कुसुमलता इंटर कालेज, सुघर सिंह हायर सेकेंड्री स्कूल सिंहपुर, श्रीमती गंगा देवी चतुर्वेदी हायर सेकेंड्री छिबरामऊ, सार्वजनिक शिक्षा सदन श्यामपुर धौरारा, कुसुमा देवी बालिका इंटर कालेज चौतराहार, दुलारेलाल प्रभूदयाल जसपुरापुर, आदर्श कृषि हायर सेकेंड्री स्कूल मटेना, जनता इंटर कालेज सिमरिया, स्वामी शिवानंद ठठिया सहित 31 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी राजेश बघेल ने बताया कि इन विद्यालयों के कक्षा 9,10 में अध्यनरत रहे छात्रों ने पिछले वर्षो में वजीफा लिया था। इस बार इन छात्रों का कोई आवेदन ही नहीं भरा गया। स्कूल प्रबंधक/प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है कि आखिर छात्रों के आवेदन क्यों नहीं कराए गए। पिछड़ा वर्ग अधिकारी ने कहा कि डीएम के माध्यम से शासन स्तर पर पत्र लिखकर छात्रों को वजीफा दिलाए जाने के लिए कोई बीच का हल निकालने के लिए कोशिश की जाएगी। हांलाकि आन-लाइन प्रक्रिया होने के कारण काफी मुश्किल भरा है।
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प्रमाण पत्र न बन पाने का दे रहे हवाला
दशमोत्तर छात्रवृत्ति में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाने का कुछ विद्यालय अपना अलग ही पक्ष रख रहे हैं। उनका कहना है कि आय-जाति प्रमाण पत्र इस बार तहसील स्तर से जारी मान्य था। तमाम छात्र अपना आय, जाति प्रमाण पत्र नहीं बनवा सके। हलांकि समाज कल्याण व पिछड़ा विभाग का कहना है कि जिन छात्रों को पिछले वर्ष कक्षा नौ में वजीफा मिला था। वह छात्र तो इस बार पात्र थे, लेकिन उनके भी आवेदन स्कूलों ने नहीं कराए हैं।
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शासन को करेंगे कार्रवाई की संस्तुति
मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव का कहना है कि विद्यालयों ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति में घोर लापरवाही का परिचय दिया है। शासनादेश में इस तरह की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई का कोई निर्देश नहीं था। इन सभी से जवाब मांगा जाएगा। जवाब मिलने के बाद कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। वहां से इनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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