कोतवाली क्षेत्र के गांव नेरा में तीन दिन पहले गायब हुए युवक का शव पुलिस ने शौचालय टैंक के अंदर से बरामद कर लिया। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अभियुक्त फरार हो जाने में सफल रहा। हत्या की वजह पुरानी रंजिश निकलकर सामने आई है।
मालूम हो कि नेरा गांव निवासी सुभाष इंटरकालेज के प्रबंधक के भाई अखिलेश कनौजिया उर्फ मुखिया (36) पुत्र शिवहरि सिंह कनौजिया बीती पांच फरवरी की शाम को अपने घर आया था। परिजनों से खाना बनाने को कहा। मृतक की पत्नी के अनुसार इसी दौरान हरिओम कटियार उनके पति को अपने साथ बुला ले गया।
करीब एक घंटे बाद भी जब वह वापस नहीं लौटे तो खोजबीन शुरू की गई। इस दौरान पूछने पर हरिओम के परिजनों ने अखिलेश के उनके घर न आने की बात कही। इस पूरे गांव में परिवारीजनों ने अखिलेश को खोजा, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। इसी बीच हरिओम के घर के दरवाजे भी बंद कर लिए गए।
इस केस में नामजद मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने रावेंद्र और हरिओम को गिरफ्तार किया। कड़ी पूछताछ के बाद हत्या कर शव छुपा देने की बात स्वीकारी। पकड़े गए युवकों की निशानदेही पर पुलिस ने सोमवार की सुबह गांव के ही संजीव पुत्र रमेश चंद्र कटियार, रमाकांत व उमाकांत पुत्रगण वृजनंदन, कमलेश पुत्र पुत्तीलाल व गुड्डी पत्नी रावेंद्र कटियार को भी गिरफ्तार कर लिया, जबकि रावेंद्र का साला सतीश पुत्र बडे़ मुन्नू निवासी लालपुर बिल्हौर भाग निकला।
सुबह होने पर इंसपेक्टर श्यामवीर सिंह, मानीमऊ चौकी प्रभारी उमेश चौरसिया, एसआई श्यामबाबू यादव, दरोगा रजनेश कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर आरोपी रावेंद्र कटियार के मकान के पीछे बने शौचालय टैंक को खुलवाया। इसके अंदर अखिलेश का शव पड़ा था।
पुलिस के मुताबिक हत्या गला दबाकर की गई। इसके बाद शव को टैंक में फेंक दिया गया था। यही नहीं राज को छुपाने के लिए टैंक के ढक्कन को पूर्व की भांति रखकर उसके ऊपर हल्की मिट्टी डालने के बाद गोबर के कंडे जमा कर दिए गए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा।