कलक्ट्रेट सभागार में रविवार को डीएम अनुज कुमार झा
की अध्यक्षता में दशमोत्तर छात्रवृत्ति को लेकर इंटर कालेजों के
प्रधानाचार्य और महाविद्यालय के प्राचार्य एवं छात्रवृत्ति प्रभारियों की
समीक्षा बैठक बुलाई गई। जिसमें मिसिंग छात्रों का डाटा दो बार तिथियां
बढ़ाने के बावजूद बरती जा रही लापरवाही को लेकर समीक्षा होनी थी, पर बैठक
में डिग्री कालेजों के 16 व इंटर कालेजों के 59 प्रधानाचार्य व छात्रवृत्ति
प्रभारी गैर हाजिर रहे।
इस लापरवाही को लेकर डीएम और सीडीओ ने कड़ी
नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि आगामी आठ दिसंबर तक इंटर और डिग्री
कालेज यदि उपभोग प्रमाण पत्र जमा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ
अनुशासनात्मक, दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई करने के लिए प्रशासन बाध्य
होगा।
डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि मिसिंग छात्रों का डाटा फीड करने एवं
हस्तांतरण के लिए दो बार तिथियां बढ़ाई जा चुकी हैं, पर इसके बावजूद इंटर
कालेजों और महाविद्यालयों का अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है। यदि
विद्यालय स्तर से किए गए असहयोग के चलते कोई छात्र छात्रवृत्ति से वंचित
होता है, तो ऐसे स्कूल के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
डीएम ने निर्देश
दिए कि तय तारीख तक यदि डाटा फीड नहीं होता है तो 50 इंटर और डिग्री
कालेजों को चिह्नित करके उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ उदयराज
यादव ने कहा कि बार-बार निर्देशों के बावजूद अभी तक जिले के 129 कालेजों
में 54 ने ही आनलाइन पोर्टल पर मिसिंग छात्रों का डाटा फीड किया है।
75
कालेजों ने कोई कार्य ही नहीं किया है, जबकि डिग्री कालेजों में 48 में 20
ने किया है। 28 का डाटा फीड नहीं है। समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र गौतम ने
कहा कि यदि किसी को छात्रवृत्ति पोर्टल पर आनलाइन फीडिंग में कोई दिक्कत आ
रही है तो कार्यालय व उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर समस्या का निराकरण कर
सकता है।
इस मौके पर डीआईओएस केपी सिंह यादव, जिला पिछड़ा वर्ग
अधिकारी राजेश बघेल, छात्रवृत्ति प्रभारी मार्तंड सिंह, अमित मिश्रा समेत
अन्य अफसर और कर्मचारी मौजूद थे।